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RBI रेट घटाता तो ज्यादा बढ़ावा मिलता: रेपो रेट जस का तस रखे जाने से होम बायर्स को फायदा, मंसूबा बांधते रहने वाले कस्टमर्स के लिए खरीदारी का मौका

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2 मिनट पहले

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  • रेपो रेट में बदलाव नहीं होना इस बात का संकेत है कि हाल फिलहाल होम लोन की ब्याज दरें बढ़ने वाली नहीं
  • रियल्टी सेक्टर की उम्मीदें हमेशा रेट कट पर टिकी रही है और इस बार ऐसा होता तो सेक्टर में ज्यादा पैसा आता

रिजर्व बैंक ने आज जो रेपो रेट को 4% पर जस का तस रखने का फैसला किया है, वह मकान खरीदने की चाहत रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। जानकारों के मुताबिक यह इस बात का संकेत माना जा सकता है कि हाल फिलहाल तो होम लोन की ब्याज दरें बढ़ने वाली नहीं हैं। उनका कहना है कि वैसे तो लोन की दरें पहले से ही काफी कम हैं, लेकिन रेट कट होता तो रियल एस्टेट को ज्यादा बढ़ावा मिलता।

रेट कट होने पर सेक्टर में ज्यादा पैसा आता

स्टर्लिंग डेवलपर्स के चेयरमैन और एमडी रमणी शास्त्री कहते हैं कि रियल्टी सेक्टर रोजगार पैदा करने और आर्थिक गतिविधियां को बढ़ावा देने में बड़ा रोल अदा करता है। ऐसे में RBI से उम्मीद थी कि वह मकानों की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देने के लिए रेपो रेट घटाएगा। बेशक इस सेक्टर की उम्मीदें हमेशा रेट कट पर टिकी रही है और इस बार ऐसा होता तो सेक्टर में ज्यादा पैसा आता।

मंसूबा बांधते रहने वाले खरीद सकते हैं मकान

जानकारों का यह भी कहना है कि वैसे रेट कट नहीं होने से होम बायर्स को कोई दिक्कत नहीं। होम लोन रेट पहले से ही सबसे निचले लेवल पर है और इसका फायदा उनको मिलता रहेगा। मकानों की मांग निकलती रह सकती है और अब तक मंसूबा बांधते रहने वाले कस्टमर मकान खरीद सकते हैं। देश की ग्रोथ का जो अनुमान लगाया गया है उसको पूरा करने में रियल एस्टेट अहम रोल अदा कर सकता है।

कट से मांग में मजबूती को बढ़ावा मिलता

रिजर्व बैंक के रेपो रेट नहीं घटाने से यह साफ हो गया है कि लोन की दरें जल्द नहीं बढ़ेंगी। यील्डएसेट रियल एस्टेट टेक के को-फाउंडर रियाज मनियर का कहना है कि रेट कट होने पर मांग में बनी मजबूती को बढ़ावा मिलता। यील्डएसेट नए जमाने की प्रॉपर्टी टेक स्टार्टअप है जो इंस्टीट्यूशनल ग्रेड की कमर्शियल प्रॉपर्टी में फ्रैक्शनल ओनरशिप की सुविधा देती है।

मनियर के मुताबिक, रियल्टी सेक्टर में रिकवरी और ग्राहकों का भरोसा, दोनों कायम रखने के लिए लो रेट जरूरी है। हर सेक्टर में सरकार के चौतरफा खर्च से लंबे समय के लिए तरक्की की राह खोल दी है जिसका फायदा रियल्टी सेक्टर को भी मिलेगा।

हाई GDP ग्रोथ रियल एस्टेट के लिए फायदेमंद

बेनेट एंड बर्नाड ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन लिंकन बेनेट रॉड्रिग्ज के मुताबिक, रियल एस्टेट की कम इंटरेस्ट रेट की मांग हमेशा रही है लेकिन इस समय रेट कट नहीं होने की वजह समझी जा सकती है। वैसे रिहायशी मकानों की मांग बढ़ रही है और इस ट्रेंड को जारी रखने की जरूरत है। इसमें रेट कट से मदद मिल सकती थी।

लिंकन बेनेट रॉड्रिग्ज के मुताबिक, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने 2021 में इंडिया की इकोनॉमिक ग्रोथ 12.5% रहने का अनुमान दिया है जो रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी फायदेमंद होगा। ऐसे में ग्रोथ में अहम योगदान करने वाले रियल्टी सेक्टर पर खास ध्यान देने की जरूरत है।

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