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MP की बच्ची को नागपुर में बेचा: 10 साल की लड़की का किडनैप कर 22 लाख में सौदा किया, 4 साल बाद रेड लाइट एरिया में मिली

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नागपुर2 घंटे पहले

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नागपुर का गंगा जमुना इलाका देह व्यापार की वजह से बदनाम है। यहां रहने वाले लोगों ने डिस्ट्रिक्ट जज को चिट्‌ठी लिखकर यह काम बंद कराने की अपील की है। (फाइल) - Dainik Bhaskar

नागपुर का गंगा जमुना इलाका देह व्यापार की वजह से बदनाम है। यहां रहने वाले लोगों ने डिस्ट्रिक्ट जज को चिट्‌ठी लिखकर यह काम बंद कराने की अपील की है। (फाइल)

10 साल की कोमल (परिवर्तित नाम) को मध्य प्रदेश के एक जिले से तस्करों ने किडनैप किया और 22 लाख रुपए में उसे नागपुर में बेच दिया। नागपुर के लोकल तस्करों ने कोमल को रेड लाइट एरिया गंगा-जमुना में सप्लाई कर दिया। यहां उसकी जिंदगी नर्क में बदल गई। उसे ऐसी दवाइयां दी जाने लगीं, जिससे कम उम्र में ही उसका शरीर बड़ी लड़कियों की तरह दिखने लगे।

कोमल को रोज 10 से 15 ग्राहकों के सामने पेश किया जाता था। चार साल बाद मार्च 2021 में कोमल को वहां से आजाद करा लिया गया। मानव तस्करी का शिकार होकर रेड लाइट में फंसने वाली कोमल अकेली नहीं है। ऐसी न जाने कितनी लड़कियां अब भी यहां से निकलने का इंतजार कर रही हैं। पिछले एक साल के अंदर पुलिस नागपुर के गंगा-जमुना इलाके से 26 नाबालिग बच्चियों को बचा चुकी है। इन बच्चियों को देशभर के अलग-अलग राज्यों से किडनैप कर लाया गया था।

इतना बदनाम हो चुका है इलाका कि रिश्तेदार भी नहीं आना चाहते
बैन गंगा जमुना मूवमेंट चलाने वाले एक्टिविस्ट सुनील गोटफोड़े ने बताया कि ये इलाका इतना बदनाम हो चुका है कि किसी कार्यक्रम का आयोजन करते हैं तो रिश्तेदार आना पसंद नहीं करते। कोई इस इलाके के लोगों के घर शादी-ब्याह जैसा रिश्ता नहीं करना चाहता। ऐसे माहौल से तंग आकर हमने दो सप्ताह पहले डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आरआर पाटरे को एक पत्र लिखा है।

पत्र में यहां छोटी बच्चियों की खरीद-फरोख्त और उनसे गलत काम करवाने की बात भी है। लेटर में लिखा गया कि ये इलाका बच्चों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। नाबिलग बच्चों को किडनैप कर उनसे गलत काम करवाने के मामले इस इलाके से बड़ी संख्या में सामने आने लगे हैं। पिछले साल दिसंबर में छापा मारकर पुलिस ने यहां से 8 नाबालिगों को बचाया था।

सिर्फ रेड लाइट एरिया नहीं, ड्रग पेडलिंग और मर्डर जैसे क्राइम भी
सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा वाघमारे ने बताया कि सिर्फ रेड लाइट एरिया ही यहां के लोगों की समस्या नहीं है, लेकिन ये सभी परेशानियों की जड़ जरूर है। यहां ड्रग पेडलिंग, मारपीट और हत्या जैसे अपराध भी आए दिन होते रहते हैं। यहां रहने वाले लोग आए दिन इन समस्याओं से जूझते रहते हैं। गंगा-जमुना इलाके में रहने वाले लोगों का पूरा दिन परेशानियों के बीच ही गुजरता है। बच्चे दिन-रात खराब माहौल देखते हैं और उन पर इसका गलत प्रभाव पड़ता है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि हाईकोर्ट पुलिस को आदेश दे चुका है कि IPC या पोक्सो कानून का उल्लंघन होने पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। अब हम कानून का पूरी तरह से पालन होते हुए देखना चाहते हैं। इस रेड लाइट एरिया को बंद करने के बाद ही इस परेशानी से बाहर निकला जा सकता है।

गंगा-जमुना में रहने वाले लोगों की 5 मांगें

  1. इलाके से वेश्यालयों को बंद किया जाना चाहिए और इन्हें चलाने वालों को कड़ी सजा मिले।
  2. जिन लोगों की संपत्ति पर गलत काम किए जाते हैं, उनकी प्रॉपर्टी जब्त की जानी चाहिए।
  3. गंगा-जमुना क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए जाने चाहिए। क्रिमिनल एक्टिविटी पर सख्त निगरानी होनी चाहिए।
  4. पुलिस लगातार ऐसे इलाकों का चक्कर लगाए, जहां अपराध की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
  5. वेश्यालय और अपराध को रोकने के लिए पुलिस नए इनिशिएटिव ले, जिससे यहां रहने वाले लोग सुरक्षित महसूस करें।

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