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सख्त आदेश: सचिव ने रिम्स प्रबंधन को दिया आदेश, 7 अप्रैल तक बेडों की संख्या बढ़ाकर 252 करें और 15 तारीख तक 339

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रांचीएक घंटा पहले

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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो

  • बेड की कमी की खबर पर स्वास्थ्य सचिव पहुंचे रिम्स, कहा-मरीजों का ध्यान रखें डॉक्टर
  • उन्होंने रिम्स प्रबंधन को सख्त आदेश देते हुए दो दिनों के भीतर बेड की संख्या बढ़ाने काे कहा

राजधानी में रोजाना सैकड़ों कोविड संक्रमित मिल रहे हैं। इस कारण अस्पतालों में बेड फुल घटते जा रहे हैं। कई संक्रमितों को बेड नहीं मिलने के कारण अस्पताल से वापस लौटना पड़ा। इसे देखते हुए सोमवार को सरकार एक्टिव मोड में दिखाई दी। स्वास्थ्य सचिव केके सोन संक्रमितों के लिए उपलब्ध बेड की स्थिति का जायजा लेने के लिए रिम्स पहुंचे। उन्होंने रिम्स प्रबंधन को सख्त आदेश देते हुए दो दिनों के भीतर बेड की संख्या बढ़ाने काे कहा।

सचिव ने 7 अप्रैल तक सामान्य बेड को बढ़ाकर 100, ऑक्सीजन युक्त बेड 107 और वेंटिलेटर युक्त बेड को 45 करने को कहा है। फिलहाल यहां 118 बेड की ही व्यवस्था है। बुधवार तक इसे बढ़ाकर 252 करना है। उन्होंने निदेशक को बेड की इस संख्या भी बढ़ाकर 15 अप्रैल तक 339 करने का निर्देश दिया। जिन विभागों में जगह है, वहां सामान्य राेगियों के लिए 148 बेड, ऑक्सीजन युक्त 131 और वेंटिलेटर के साथ 60 बेड की व्यवस्था करनी है। उन्होंने मरीजों का ध्यान रखने को भी कहा।

मरीज प्रबंधन के लिए डॉ. वाघमारे नोडल अफसर बने

सचिव ने निरीक्षण के बाद संयुक्त सचिव सह रिम्स के अपर निदेशक डॉ. वाघमारे प्रसाद कृष्ण काे संक्रमितों के प्रबंधन के लिए नोडल ऑफिसर बनाया गया है। उन्हें सभी जिलोंं के उपायुक्तों व डॉ. पीके भट्टाचार्य से समन्वय स्थापित कर बेड की उपलब्धता पर अग्रिम कार्ययोजना बनाने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

कई बंद सेंटरों को दोबारा शुरू करने पर 1500 बेड उपलब्ध होंगे

जिला प्रशासन ने पिछले साल कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई अस्पतालों के साथ टाइअप किया था। सभी 20 प्रखंडों के पीएससी में 10-10 बेड का काेविड सेंटर बनाया गया था। लेकिन सभी को बंद कर के कर्मियों को दूसरे जगह लगा दिया गया। पूर्व में पारस अस्पताल में 60 बेड गंभीर मरीजों के लिए था। सर्ड में 120 बेड की व्यवस्था बिना लक्षण वाले रोगियों के लिए की गई थी। कल्पना चावला महिला छात्रावास, पॉलिटेक्निक में 130 बेड, रिसालदार बाबा सीएचसी में 90 बेड, टाना भगत प्रशिक्षण केंद्र में 120 बेड, विस्थापित आवासीय कॉलोनी जगन्नाथपुर में 200 बेड, टाना भगत गेस्ट हाउस में 80 बेड की व्यवस्था की गई थी। इधर, रांची रेल डिवीजन ने पिछले वर्ष कोरोनाकाल में 500 बेड का आइसोलेशन कोच तैयार कराया था। लेकिन इसका उपयोग नहीं हुआ। शहर में एक बार फिर कोरोना विस्फोट को देखते हुए रेलवे आइसोलेशन कोच को तैयार कर दिया है, ताकि एसिंप्टोमैटिक मरीजों का इलाज हो सके। इन्हें दोबारा शुरू किया जाए, तो बेड की कमी दूर हो जाएगी।

निजी अस्पतालों में सिर्फ 35 बेड खाली

निजी अस्पतालों में भी संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। जहां रविवार तक 68 बेड खाली थे। सोमवार देर शाम तक खाली बेड की संख्या घटकर 35 तक पहुंच गई। अस्पतालों में बेड नही मिलने से गंभीर संक्रमितों की समस्या बरकरार है।

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