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शेखपुरा में मैट्रिक का नंबर बढ़ाने के नाम पर ठगी: पहले विद्यार्थियों को कम नंबर वाला मार्कशीट भेजकर डराते हैं, फिर पैसे ऐंठ बढ़े नंबर वाला फर्जी अंकपत्र भेज देते

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शेखपुराएक घंटा पहले

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गिरफ्तार साइबर ठगों के साथ पुलिस के आलाधिकारी। - Dainik Bhaskar

गिरफ्तार साइबर ठगों के साथ पुलिस के आलाधिकारी।

  • मैट्रिक परीक्षा के डेटाबेस से विद्यार्थियों का नंबर ले उन्हें फोन करते, दो साइबर ठग गिरफ्तार
  • 13 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, विभिन्न बैंकों के पासबुक और ATM कार्ड बरामद

शेखपुरा जिले में साइबर ठगों ने लोगों से ठगी करने का नया तरीका निकाला है। वे अब मैट्रिक परीक्षा के नंबर बढ़ाने के नाम लोगों से ठगी कर रहे हैं। कम नंबर का डर दिखाकर वे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से लाखों रुपए की ठगी कर चुके हैं। इनके जाल में फंसे लोगों की शिकायत पर SP कार्तिकेय के शर्मा के नेतृत्व में बुधवार शाम शेखोपुरसराय थाने के पांची गांव में छापेमारी की गई, जहां से पुलिस ने साइबर क्राइम से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया।

8 से 10 लाख रुपए की ठगी

SP ने बताया कि बुधवार को मैट्रिक की परीक्षा में नंबर बढ़ाने के नाम पर ठगी करने वाले दो युवकों सतीश कुमार और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सतीश कुमार ने बताया कि वे लोग पिछले 1 महीने में 300 से 400 लोगों को अपना शिकार बनाकर 8 से 10 लाख रुपए की ठगी कर चुके हैं। ठगी के पैसों से उन्होंने एक पल्सर बाइक भी खरीदी है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

छापेमारी में गिरफ्तार

SP ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पांची गांव में छापेमारी कर अस्थना गांव निवासी साइबर क्राइम से जुड़े दोनों युवकों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी निशानदेही पर 13 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, विभिन्न बैंकों के पासबुक और ATM कार्ड के साथ-साथ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से संबंधित अभ्यर्थियों की सूची, नाम, पता मोबाइल नंबर एवं विद्यालय के नाम अंकित कई कागजात बरामद किए गए हैं।

डेटाबेस हासिल कर छात्रों से कर रहे थे ठगी

SP ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुई मैट्रिक की परीक्षा का डेटाबेस पांची गांव निवासी तीरजु महतो द्वारा दोनों युवकों को उपलब्ध कराया गया था। दोनों साइबर ठग डेटाबेस में अंकित नाम और नंबर पर संपर्क कर विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों से मैट्रिक परीक्षा में नंबर बढ़ाने की बात करते थे। उन्हें यह बोलकर डराया जाता था कि आपकी मैट्रिक परीक्षा में नंबर कम आए हैं। उन्हें प्रिंटर से निकाला हुआ फर्जी मार्कशीट भी भेजा जाता, जिसमें नंबर कम दिखाए जाते। फिर कहा जाता कि नंबर बढ़वाना चाहते हैं तो पैसे देने पड़ेंगे।

ऐसे मंगवाते हैं पैसे

कई विद्यार्थी और अभिभावक इन साइबर जालसाजों के झांसे में आकर उन्हें पैसे देने को तैयार हो जाते। दोनों जालसाज पैसे अपने बैंक खातों में मंगवाते या ऑनलाइन पेमेंट मोड से पैसा देने को कहते। पैसा मिल जाने पर विद्यार्थियों को फिर से नया मार्कशीट भेजा जाता, जिस पर नंबर बढ़े हुए होते। SP ने बताया कि पैसे को निकालने का काम पांची निवासी ऋषिकेश कुमार द्वारा किया जाता था। गिरफ्तार दोनों युवकों की निशानदेही के आधार पर इनसे जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

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