बिहार

रिश्वत का मामला: घूस लेकर शराब और शराबियों काे छाेड़ने के आराेपी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की हो रही खानापूर्ति, इसलिए खाैफ नहीं

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मुजफ्फरपुर18 घंटे पहले

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सकरा थानेदार रामनाथ प्रसाद पर जाे आराेप लगे हैं उसी आराेप में पहले भी कई अधिकारियाें पर विभागीय कार्रवाई की गई। किसी काे निंदन की सजा ताे किसी काे ब्लैक डाॅट की सजा दी गई। छह से एक साल तक का वेतन वृद्धि राेका गया। आराेपी पुलिस अधिकारियाें पर विभागीय कार्रवाई हाेने में भी काफी समय लगाया गया है। कई मामलाें में ताे लंबे समय से विभागीय कार्यवाही लटका कर रखा गया है।

कार्रवाई की महज खानापूर्ति के कारण ही थाने के पुलिस अधिकारी शराब व शराबियाें काे रुपए लेकर आसानी से छाेड़ दे रहे हैं। वर्ष 2017 में सदर के तत्कालीन इंस्पेक्टर गाेरख बैठा पर घूस लेकर थाने से ही शराब के नशे में धराए आराेपी काे छाेड़ने का आराेप लगा था। उन्हें सस्पेंड करने के बाद विभागीय कार्यवाही चलाई गई।

अंतत: इंस्पेक्टर काे एक वर्ष के वेतन वृद्धि पर राेक व 2 ब्लैक मार्क की सजा दी गई। 2017 में ही दारोगा शशि रंजन पर थाने से शराबी काे छाेड़ देने का आराेप लगा था। आराेप साबित हाेने के बाद शशि रंजन काे छह माह के वेतनवृद्धि और एक ब्लैक मार्क की सजा दी गई। वर्ष 2019 में दारोगा संजय स्वरूप पर भी थाने से ही रुपए लेकर नशे में धराए आराेपी काे छाेड़ देने का आराेप लगा था।

जांच के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाई गई। इस अशोभनीय काम के लिए उनका केवल निंदा किया गया। गत विधानसभा चुनाव के दाैरान 2 नवंबर 2011 काे मीनापुर में शराब के साथ सुबोध काैशिक काे पकड़ा गया था। आराेपी काे माैके पर ही छाेड़ने के कारण इंस्पेक्टर अविनाश चंद्रा काे सस्पेंड किया गया था। इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाह चलाई जा रही है। छह माह बीत गए अब तक विभागीय कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है।

यह है ब्लैक मार्क

किसी पुलिस अधिकारी के सर्विस बुक में एक ब्लैक मार्क की सजा अंकित हाेती है ताे उसे दाे साल तक प्रमाेशन नहीं मिलता है। साथ ही वेतनवृद्धि का भी लाभ नहीं मिलता है।

शराब मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारी पर सख्त सजा का प्रावधान है। वरीय अधिकारी की जांच रिपाेर्ट के आधार पर आराेपी पुलिसकर्मी पर विभागीय कार्यवाही का संचालन किया जाता है। इसमें जिस हद तक आराेप साबित हाेता है, उसी आधार पर विभागीय सजा मिलती है। यदि किसी काे ब्लैक मार्क की सजा मिली है ताे उसके खिलाफ उतनी सजा के लायक ही साक्ष्य मिला हाेगा।

– कृष्ण कुमार, उत्पाद उपायुक्त, तिरहुत प्रमंडल

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