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राजस्थान में 5वीं बोर्ड परीक्षा पर संशय: 13 लाख स्टूडेंट्स कर रहे इंतजार; बोर्ड परीक्षा होगी या होम एग्जाम? यह भी अब तक क्लीयर नहीं

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बीकानेर2 दिन पहले

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प्रदेश में कक्षा 6 से 12 तक के स्टूडेंट्स स्कूल आने लगे हैं। लेकिन 5वीं क्लास के छात्र इस सत्र में एक बार भी स्कूल नहीं जा पाए हैं। - Dainik Bhaskar

प्रदेश में कक्षा 6 से 12 तक के स्टूडेंट्स स्कूल आने लगे हैं। लेकिन 5वीं क्लास के छात्र इस सत्र में एक बार भी स्कूल नहीं जा पाए हैं।

  • इस बात की भी संभावना है कि 5वीं के छात्रों को पिछली बार की तरह बिना परीक्षा के अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाए

राज्यभर के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में 5वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर अब तक असमंजस है। करीब 13 लाख स्टूडेंट्स 5वीं क्लास पर सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन स्थिति यह है कि अब तक यह भी क्लीयर नहीं है कि 5वीं क्लास के बोर्ड एग्जाम होंगे या फिर स्कूलों में ही परीक्षा होगी। क्योंकि, अब तक इस कक्षा के लिए कोई एग्जाम फार्म नहीं भरवाए गए हैं। अलबत्ता शिक्षा विभाग यह भी स्पष्ट नहीं कर रहा है कि इस साल 5वीं बोर्ड की परीक्षा होगी या नहीं?

राज्य सरकार ने जो प्रस्ताव पहले भेजे थे, उन्हें अब तक सरकार की ओर से हरी झंडी नहीं मिली है। वहीं कक्षा 6, 7 और 9वीं और 11वीं की परीक्षा के लिए भी अब तक डेट शीट तय नहीं हुई है। माना जा रहा है कि प्रारम्भिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्तावों पर अब शिक्षा मंत्री गोविन्द डोटासरा सोमवार को घोषणा करेंगे। 5वीं को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी कुछ भी नहीं बोल पा रहे हैं। उनका मानना है कि अब 5वीं क्लास के छात्रों के लिए तीन विकल्प हैं, जिन पर आगे काम हो सकता है।

विकल्प एक: पिछले शिक्षा सत्र की तरह इस बार भी 5वीं बोर्ड की परीक्षा आयोजित नहीं करके बच्चों को सीधे प्रमोट कर दिया जाए। इसके लिए संबंधित स्कूल से एक सर्टीफिकेट जारी होगा। यह सर्टीफिकेट ही कक्षा छह में प्रवेश का आधार होगा।

विकल्प दो: संभव है कि शिक्षा विभाग की बोर्ड स्तर पर ऐसी परीक्षा आयोजित करवा लें, जिसमें स्टूडेंट्स को अन्य स्कूल में जाकर परीक्षा देने के बजाय अपनी ही स्कूल में परीक्षा के लिए बुला लिया जाए।

विकल्प तीन: हर बार की तरह 8वीं के साथ ही 5वीं बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाए। इसमें अन्य स्कूल में परीक्षा केंद्र होगा और 60% पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा हो सके। इस विकल्प की संभावना कम है क्योंकि पांचवीं का बच्चा इस सत्र में एक दिन भी स्कूल नहीं गया है।

सोशल मीडिया पर गलत रिपोर्ट वायरल
दूसरी तरफ शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक टाइम टेबल को भी पुराना बताया जा रहा है। इस टाइम टेबल में कक्षा 6 से 9 और 11 की परीक्षा का टाइम टेबल है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने बताया कि ऐसा कोई सर्कुलर अभी जारी नहीं किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया में वायरल सर्कुलर को पुराना बताया। सूत्रों के मुताबिक, निदेशालय ने परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इसमें कक्षा 6, 7, 9 और 11 की परीक्षा के लिए तारीखों का सुझाव दिया है। इसमें भी 5वीं बोर्ड की परीक्षा नहीं करवाने का ही प्रस्ताव है। अगर ऐसा होता है तो एक बार फिर पांचवीं के विद्यार्थियों को बिना किसी परीक्षा के उत्तीर्ण किया जाएगा।

डोटासरा करेंगे घोषणा
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा सोमवार को परीक्षा कार्यक्रम के बारे में घोषणा करेंगे। इसमें कक्षा 6, 7 और 9 के साथ ही 11वीं का अलग-अलग कार्यक्रम होगा। सभी परीक्षाएं अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक संपन्न करने का प्रयास है। वहीं 6वीं और 7वीं की परीक्षा साथ-साथ आयोजित होगी। निदेशक सौरभ स्वामी ने बताया कि परीक्षाओं के बारे में अधिकृत घोषणा सोमवार तक हो जाएगी।

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