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यह तो बड़ा खतरा है: पटना में 80 कोरोना संक्रमितों की उम्र 14 साल से कम, कंकड़बाग के अपार्टमेंट में 6 साल तक के बच्चे में मिला वायरस

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पटना5 घंटे पहले

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पटना के कंकड़बाग स्थित इस सोसाइटी को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। - Dainik Bhaskar

पटना के कंकड़बाग स्थित इस सोसाइटी को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।

  • दूसरी लहर में संक्रमण फैलाने में वायरस कई गुणा तेज
  • एक संक्रमित 4 से अधिक लोगों को कर रहा बीमार

कोरोना की दूसरी लहर में चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आ रहा है जो काफी डराने वाला है। इस बार कम उम्र के बच्चों में वायरस की पकड़ तेज हो रही है। पटना में 14 साल से कम उम्र के 80 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है जो पहली वेब से काफी घातक बताई जा रही है। बच्चों में लक्षण वाले संक्रमण पाए जा रहे हैं। वायरस के बदले ट्रेंड में कम उम्र में हो रहे संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है। आम लाेगों से अपील की जा रही है कि वह कोरोना को लेकर जरा भी रिलैक्स नहीं हों। ऐसा जानलेवा हो सकता है।

पटना में 80 संक्रमितों की उम्र ने बढ़ाई चिंता

पटना में 80 एक्टिव केस ऐसे हैं जिनकी उम्र 14 से नीचे है। संक्रमित होने के बाद लक्षण पाया गया था जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में होम आइसोलेशन में रखा गया है। कम उम्र के बच्चों में संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी का कहना है कि दूसरी वेब अधिक खतरनाक है। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। पटना में अब तक 80 बच्चों में संक्रमण पाया गया है जिनकी उम्र 14 से भी कम है। ऐसे में लोगों से बार बार अपील की जा रही है कि वह संक्रमण को लेकर गंभीर हों और लापरवाही नहीं बरतें।

माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाने के बाद अपार्टमेंट परिसर को सैनिटाइज करता कर्मी।

माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाने के बाद अपार्टमेंट परिसर को सैनिटाइज करता कर्मी।

जिस अपार्टमेंट में 13 पॉजिटिव उसमें कम उम्र के बच्चे भी

कंकड़बाग में जिस अपार्टमेंट में एक ही फ्लैट में 13 लोगों में संक्रमण पाया गया है उसमें 6, 12 और 14 साल के बच्चे भी शामिल हैं। संक्रमण कहां से आया यह नहीं पता चल पा रहा है। ट्रेसिंग करने वाली टीम का कहना है कि एक ही परिवार के 13 लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। कोरोना संक्रमण होली के दौरान ही आया है। इस परिवार में कोई कहीं बाहर नहीं गया और न ही कोई गैर प्रांत से आया है। इसके बाद भी संक्रमण 13 लोगों को हो गया। संभावना जताई जा रही है कि संक्रमण घर से बाहर निकलने वालों के कोरोना गाइडलाइन पालन नहीं करने के कारण भी हो सकता है। इस परिवार के बच्चे स्कूल भी जाते थे, ऐसे में संक्रमण का दायरा और बढ़ने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

पहली लहर में बच्चों में नहीं था लक्षण वाला संक्रमण

पहली लहर में बच्चों में लक्षण वाला संक्रमण काफी कम था लेकिन इस बार ऐसे मामले बढ़े हैं। पटना में अब तक 80 से अधिक मामले आए हैं जिसमें 80 एक्टिव मामले में 14 से कम उम्र के बच्चों में लक्षण मिल रहा है। ऐसे बच्चों की विशेष निगरानी की जा रही है। बच्चों की ट्रेसिंग और टेस्टिंग को लेकर विशेष निर्देश हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्चों को ट्रेस करने के लिए विशेष टीम को लगाया गया है।

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