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मौसम का बदलता मिजाज: 121 साल में इस बार तीसरा सबसे गर्म रहा मार्च, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अब राहत मिलने की उम्मीद

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  • There Is A Possibility Of Relief From Heat Due To Developing Disturbances In The Northwest; Drizzle Can Occur With Strong Winds In Two To Three Days.

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नई दिल्ली8 घंटे पहले

इस बार मार्च का महीना खूब तपा है। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 121 साल में सिर्फ दो बार ऐसा हुआ है, जब इससे ज्यादा गर्मी पड़ी हो। इंडिया मीटियरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने सोमवार को बताया कि इस साल मार्च के दौरान पूरे देश में एवरेज अधिकतम, न्यूनतम और औसत तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस, 19.9 डिग्री सेल्सियस और 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अधिकतम तापमान के हिसाब से इस बार मार्च पिछले 11 साल में सबसे गर्म है। इसके अलावा पिछले 121 साल में इससे ज्यादा औसत तापमान 2010 में 33.09 और 2004 में 32.82 डिग्री सेल्सियस रहा था। देश के कई हिस्सों में मार्च में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया था।

हालांकि, तेज तपिश के बीच एक राहत की खबर भी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अफगानिस्तान से उठने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस से हवा का रुख बदलेगा। इससे दो-तीन दिनों में उत्तर भारत के कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अभी राजस्थान और मध्यप्रदेश में जहां तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वहीं, हरियाणा में हल्के बादल छाए रहे।

मध्यप्रदेश: आने वाले दिनों में लू के आसार
मौसम विभाग का कहना है कि एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दाखिल होगा। इस सिस्टम की तीव्रता अधिक होने से प्रदेश में हवा का रुख बदल सकता है। पश्चिमी हवा चलने से 5 अप्रैल से धीरे-धीरे तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। आने वाले दो-तीन दिनों में प्रदेश में एक बार फिर लू चलने के आसार हैं। इस बार अप्रैल में पारा 43 डिग्री क्रॉस कर सकता है। रविवार को अधिकतम पारा 39.7 और न्यूनतम 18.4 डिग्री दर्ज किया गया।

गर्मी से मध्यप्रदेश की धसान नदी अप्रैल में ही सूख गई।

गर्मी से मध्यप्रदेश की धसान नदी अप्रैल में ही सूख गई।

राजस्थान: तेज हवा के साथ बूंदाबांदी की संभावना
प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ लू का असर रहा। आने वाले दिनों में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में फिर मौसम पलटने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिन तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में जबर्दस्त लू चलने के साथ आंधी-अंधड़ का अनुमान है। 6, 7 अप्रैल को कई इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है। 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेंगी। विक्षोभ का असर 7 अप्रैल तक रहेगा।

नल से टपक रहे बूंद-बूंद पानी को चोंच में संजोकर प्यास बुझा रहे हैं मोर।

नल से टपक रहे बूंद-बूंद पानी को चोंच में संजोकर प्यास बुझा रहे हैं मोर।

हरियाणा: दो-तीन दिनों में गरज के साथ बारिश के आसार
अफगानिस्तान से जम्मू और कश्मीर की तरफ आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर से मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया है। इसका असर मैदानी इलाकों में दिखा। रविवार को हल्के बादल छाए रहे, लेकिन दिन के तापमान में 2.2 डिग्री का इजाफा हुआ। वहीं, हवा में नमी भी 57 दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार रात से गरज-चमक साथ बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। 6 और 7 अप्रैल को तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

हरियाणा में सोमवार रात को गरज-चमक साथ बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। इससे पहले गर्मी से बचने के लिए शाम में घरों से निकले लोग।

हरियाणा में सोमवार रात को गरज-चमक साथ बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। इससे पहले गर्मी से बचने के लिए शाम में घरों से निकले लोग।

छत्तीसगढ़: 7 अप्रैल से राहत मिलने की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में दो दिन बाद यानी 7 और 8 अप्रैल को थोड़ी राहत मिल सकती है। देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से में सिस्टम डेवलप हो सकता है। इसका असर प्रदेश में 7 और 8 अप्रैल को रहने की संभावना है। सिस्टम के कारण तेज गर्मी से प्रभावित क्षेत्रों तथा प्रदेश के मैदानी इलाकों में गहरे बादलों के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। रविवार को सुबह साढ़े 5 बजे न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री अधिक है।

देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से में सिस्टम डेवलप हो सकता है। इसका असर छत्तीसगढ़ में 7 और 8 अप्रैल को रहने की संभावना है। इससे पहले गर्मी के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से में सिस्टम डेवलप हो सकता है। इसका असर छत्तीसगढ़ में 7 और 8 अप्रैल को रहने की संभावना है। इससे पहले गर्मी के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

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