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मुख्तार अंसारी की पंजाब से UP शिफ्टिंग: BSP के बाहुबली विधायक को सड़क मार्ग से लाने के लिए पुलिस टीम रवाना, सेहत का ख्याल रखने के लिए डॉक्टर भी साथ रहेंगे

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बांदा4 घंटे पहले

मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाने के लिए बख्तरबंद गाड़ियों में बैठते पुलिस कर्मी।

दो साल से पंजाब की रोपड़ जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उसे 8 अप्रैल से पहले UP की बांदा जेल में शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए सोमवार को बांदा से करीब 70 सदस्यीय स्पेशल टीम रोपड़ के लिए रवाना हो गई। यह टीम नोएडा, हरियाणा होते हुए पंजाब पहुंचेगी। सफर में करीब 14-15 घंटे चलेंगे। शाम छह बजे के बाद रोपड़ जेल में हैंडओवर या शिफ्टिंग की गतिविधि नहीं होती है। ऐसे में संभावना है कि गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को मंगलवार को ही UP पुलिस को हैंडओवर किया जाएगा। पुलिस की एक टीम पहले से रोपड़ में मौजूद है।

बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रवाना हुए पुलिसकर्मी
ADG प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश को मुख्तार अंसारी को पंजाब से बांदा जेल लाने की जिम्मेदारी दी गई है। अंसारी को सड़क मार्ग से ही बांदा जेल शिफ्ट करने की तैयारी है। पुलिस की 20 गाड़ियों से टीम पंजाब के लिए रवाना हुई है। काफिले में बज्र वाहन और एंबुलेंस भी शामिल है। टीम में दो सीओ, दो इंस्पेक्टर, छह सब इंस्पेक्टर, 20 हेड कांस्टेबल, 30 कांस्टेबल और PAC जवानों समेत 100 पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट व अन्य हाइटेक सुविधाओं के साथ रवाना हुए हैं। एम्बुलेंस में जिला अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर एसडी त्रिपाठी के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रवाना हुई है।

बांदा जेल की बढ़ाई गई सुरक्षा
बांदा मंडल कारागार में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस वालों को तैनात कर दिया गया है। मंडल कारागार के मुख्य गेट पर ही आने जाने वालों की तलाशी ली जाएगी। CCTV कैमरे द्वारा गहन नजर रखी जाएगी। रविवार को IG के. सत्यनारायण, पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी ने मंडल कारागार का निरीक्षण किया। CCTV, सुरक्षा व्यवस्था आदि को परखा। बता दें कि दो साल पहले पिछली बार मंडल कारागार बांदा में मुख्तार अंसारी को हार्टअटैक पड़ा था। जहां से आनन-फानन में उन्हें लखनऊ रेफर किया गया था। एक बार फिर मुख्तार अंसारी के आने से पहले बांदा मंडल कारागार चर्चा में है। बता दें कि पहले से ही बांदा मंडल कारागार में राधे जैसे डकैत व अन्य कुख्यात अपराधी बंद है। जिसको देखते हुए जेल प्रशासन व जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं।

8 बार लौटी UP पुलिस
2 साल में उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम 8 बार अंसारी को लेने पंजाब गई, लेकिन हर बार सेहत, सुरक्षा और कोरोना का कारण बताकर पंजाब पुलिस ने सौंपने से इनकार कर दिया। पंजाब पुलिस डॉक्टर की सलाह का हवाला देती रही कि अंसारी को डिप्रेशन, शुगर, रीढ़ की बीमारियां हैं। ऐसे में उसे कहीं और शिफ्ट करना ठीक नहीं है। कानपुर में बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अंसारी ने जान का खतरा बताया था। उसने चिट्ठी लिखकर आशंका जताई थी कि जैसे दुबे की जीप पलट गई और जान चली गई, ऐसे ही मेरी भी जा सकती है।

मुख्तार अंसारी को क्यों लाया गया था पंजाब?
8 जनवरी 2019 को मोहाली के एक बड़े बिल्डर की शिकायत पर वहां की पुलिस ने अंसारी के खिलाफ 10 करोड़ की फिरौती मांगने का केस दर्ज किया था। 12 जनवरी 2019 को प्रोडक्शन वारंट हासिल करने के लिए पुलिस कोर्ट पहुंची। 21 जनवरी 2019 को मोहाली पुलिस मुख्तार अंसारी को प्रोडक्शन वारंट पर उत्तर प्रदेश से मोहाली ले आई। 22 जनवरी को कोर्ट ने उसे एक दिन की रिमांड पर भेज दिया। 24 जनवरी को उसे न्यायिक हिरासत में रोपड़ जेल भेज दिया गया।

कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार ने क्या तर्क दिया?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान UP सरकार ने कहा कि मुख्तार अंसारी पर 15 केस दर्ज हैं और वह गैंगस्टर की कैटेगरी में आता है। वह पंजाब की जेल में मौज कर रहा है। उसके न आने से उत्तर प्रदेश की अदालतों में उसके खिलाफ सुनवाई रुकी हुई है। वहीं, पंजाब सरकार के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि यूपी सरकार की मांग संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 26 मार्च को वकील की दलील ठुकरा दी। आदेश दिया था कि 14 दिन के भीतर मुख्तार को यूपी की जेल में शिफ्ट किया जाए। वहीं, मोहाली कोर्ट ने रंगदारी के एक मामले में 12 अप्रैल को सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्तार को पेश किए जाने की व्यवस्था दी है।

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