बिहार

मुंगेर में कोरोना विस्फोट का खतरा: जहां से आया पहला मामला; वहीं DIG, DM, SP के सामने टूटा नियम, अमीर-ए-शरियत के अंतिम दर्शन को उमड़ी लाखों की भीड़

wcnews.xyz
Spread the love

  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Covid Rules Broken In Munger Bihar Crowds Of Millions Gathered In Front Of District Administration In Funeral Of Wali Rahmani

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

पटना3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
अमीर-ए-शरियत हजरत मौलाना वली रहमानी की अंतिम जियारत के लिए मुंगेर में उमड़ी भीड़। - Dainik Bhaskar

अमीर-ए-शरियत हजरत मौलाना वली रहमानी की अंतिम जियारत के लिए मुंगेर में उमड़ी भीड़।

  • मुंगेर में DIG के साथ DM और SP सब थे मौजूद लेकिन कोरोना काल में टोकने वाला कोई नहीं
  • बड़ा सवाल मुंगेर में कोरोना का खतरा बढ़ा तो कौन होगा जिम्मेदार

मुंगेर में फिर कोरोना विस्फोट का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासनिक चूक आम लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। जिन अधिकारियों के जिम्मे संक्रमण की रफ्तार रोकने की जिम्मेदारी है, उनकी मौजूदगी में ही नियम टूट रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि संक्रमण फैला तो जिम्मेदार कौन होगा? केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार ने सभी आयोजनों पर रोक लगा दी गई है, इसके बाद भी अधिकारियों की मौजूदगी में लाखों की भीड़ सवाल खड़ा कर रही है। रविवार को इमारत-ए-शरिया के अमीर-ए-शरियत हजरत मौलाना वली रहमानी के अंतिम दर्शन के दौरान लाखों की भीड़ उमड़ी। प्रशासन को भीड़ का अंदाजा पहले से था, लेकिन इसके लिए कोई प्लान नहीं किया गया और अधिकारियों ने भीड़ के आगे खुद आंख बंद कर ली। बिहार में कोरोना का पहला मामला मुंगेर से ही आया था।

आयोजनों पर रोक के बाद भी कैसे हुई चूक

सरकार ने कड़ा आदेश जारी किया है कि किसी भी दशा में कोई ऐसा आयोजन नहीं किया जाएगा, जिसमें भीड़ जुटे और कोरोना का खतरा बढ़े। कोरोना के खतरे को देखते हुए होली मिलन के कार्यक्रम पर भी पूर्ण रूप से पाबंदी थी। प्रदेश के सभी जिलों के DM को आदेश दिया गया है कि किसी भी दशा में कोरोना की गाइडलाइन नहीं टूटने पाए। ऐसे सख्त आदेश के बाद भी कोरोना की गाइडलाइन तब टूटी है, जब मौके पर DIG, DM, SP, SDO के साथ कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी।

भीड़ में ऐसे होता है संक्रमण का खतरा

भीड़ में संक्रमण का बड़ा खतरा होता है। मुंंगेर वैसे भी इस मामले में काफी संवेदनशील है। प्रदेश की पहली मौत और कोरोना का पहला मामला मुंगेर से ही सामने आया था। इसके बाद भी हर किसी की नजर मुंगेर पर ही होती है। भीड़ में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता है और यही कारण है कि सोशल डिस्टेंस को लेकर कड़ा नियम बनाया गया है। 2020 में कई प्रदेशों में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लॉकडाउन को भी लंबे समय तक बढ़ाया गया था। माना जाता है कि यदि भीड़ नहीं लगे और लोगों के बीच में एक निश्चित दूरी रहे तो संक्रण का खतरा कम हो जाता है, लेकिन इसमें अगर चूक हुई तो संक्रमण विस्फोट की तरह फैलता है। देश में कोरोना विस्फोट के कई मामले सामने भी आ चुके हैं। इसके बाद भी मुंगेर में प्रशासन कोरोना की गाइडलाइन को लेकर गंभीर नहीं दिखा।

प्रशासन की चूक का भुगतना होगा खामियाजा

लाखों की भीड़ में अगर कोरोना का विस्फोट हुआ तो आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में लाखों लोगों की भीड़ में कोरोना विस्फोट के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता है। अगर कोरोना का ग्राफ बढ़ा तो जिम्मेदार कौन होगा? लोगों का सवाल यह भी है कि प्रशासन को भीड़ का अंदाजा पहले से ही पता था तो क्यों नहीं गाइडलाइन का पालन कराया गया।

जिम्मेदारों का कौन करे चालान

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने और मास्क नहीं लगाने वालों का चालान कर दिया जाता है। लेकिन ऐसे आदेशाें को जारी कर इसका सख्ती से पालन कराने वालों की मौजूदगी में अगर नियम की धज्जियां उड़ती हैं तो किस पर कार्रवाई की जाए यह सवाल है। जिनके आदेश से मास्क और सोशल डिस्टेंस के नियम का पालन कराने के लिए सख्ती दिखाई जाती है उनकी मौजूदगी में ही नियम टूटे तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाए यह बड़ा सवाल है।

कोरोना को लेकर सरकार ने तय की गाइडलाइन

काेरोना के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार ने दो दिन पहले ही गाइडलाइन तय की है। बिहार सरकार ने शिक्षण सस्थानाें को 11 अप्रैल तक बंद करने के साथ संक्रमण रोकने को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद भी अफसर इसका पालन नहीं करा पा रहे हैं। गाइडलाइन जारी करते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को कड़ा निर्देश दिया गया था। यह सुनिश्चित कराने को कहा गया था कि कार्यस्थल, धार्मिक स्थल, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट आदि का संचालन भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार किया जाएगा।

CM के निर्देश का भी अफसरों पर नहीं दिख रहा असर

CM नीतीश कुमार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने लोगों से यह अपील की थी और साथ ही अफसरों को निर्देश दिया था कि कोरोना की गाइडलाइन का विशेष रूप से पालन किया जाए। आम लोगों से कहा था कि कोरोना को लेकर सजग रहें, वहीं अफसरों को निर्देश दिया था कि कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जाए। CM ने यह भी कहा था कि कोरोना का खतरा बढ़ रहा है इससे लोगों को नुकसान नहीं हो, इसके लिए जिम्मेदार अलर्ट और एक्टिव रहें। CM ने समीक्षा बैठक में कहा था कि सार्वजनिक आयोजनों को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए।

खबरें और भी हैं…

Source link

WC News
the authorWC News

Leave a Reply