भारत

मनसुख की हत्या का मामला: ATS को अंदेशा-सचिन वझे ने विस्फोटक के षड्यंत्र में मनसुख को शामिल किया था, राज खुले के डर से हत्या करवाने का संदेह

wcnews.xyz
Spread the love

  • Hindi News
  • Local
  • Maharashtra
  • Sachin Waze Mukesh Ambani Anitla Security House Case Update; NIA Investigation, Mumbai Police Latest Today News

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुंबई11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
जांच में सामने आया है कि मनसुख हिरेन(दाएं) और निलंबित सब इंस्पेक्टर सचिन वझे(बाएं) एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे। - Dainik Bhaskar

जांच में सामने आया है कि मनसुख हिरेन(दाएं) और निलंबित सब इंस्पेक्टर सचिन वझे(बाएं) एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे।

आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास मिली विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक मुंबई पुलिस का एक निलंबित सिपाही और दूसरा क्रिकेट बुकी है। अदालत ने दोनों को 30 मार्च तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया है। शुरुआती जांच में ATS सचिन वझे को इस खेल का सूत्रधार मान रही है।

एटीएस के पुलिस उपायुक्त राजकुमार शिंदे ने बताया कि मनसुख हिरेन हत्या मामले में निलंबित सिपाही विनायक बालासाहेब शिंदे ( 51) और क्रिकेट बुकी नरेश रमणिकलाल गोरे (31) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी CIU के निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वझे के साथ मनसुख की हत्या में शामिल थे।

कुछ और लोगों की गिरफ्तारी संभव

एटीएस ने मनसुख की पत्नी विमला हिरेन की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया था। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया है कि मनसुख की हत्या के वक्त सचिन वझे मौके पर नहीं था। ATS को ऐसे भी सबूत मिले हैं कि इस हत्या में कुछ और अन्य लोग भी शामिल थे, जिनमें से कुछ पुलिसकर्मी हो सकते हैं। इसलिए इस मामले में जल्द कुछ नई गिरफ्तारी भी हो सकती है।

सबूत मिटाने के लिए रास्ते से हटाया

एटीएस सूत्रों के मुताबिक, अंबानी के घर विस्फोट से भरी स्कॉर्पियो पार्क करने का षड्यंत्र सचिन वझे ने रचा था। उसके इस षड्यंत्र का मुख्य गवाह मनसुख था। इतना ही नहीं, मनसुख ने वझे को इस पूरी साजिश में सहयोग भी किया था। जिलेटिन से भरी स्कॉर्पियो मामले की जांच एनआईए को सौंप दी, तो वझे इस साजिश का राज खुलने के अंदेशा से एक और गहरी साजिश रची। उसने उसे हर संभव मदद करने वाले मनसुख की ही हत्या की योजना बना दी। 4 मार्च की रात 8.30 बजे निलंबित सिपाही विनायक शिंदे के जरिए मनसुख को बुलाया गया।

हाथ-मुंह बांध जिंदा ही खाड़ी में फेंका

5 मार्च को मुंब्रा के रेती बंदर स्थित खाड़ी (समुद्र) में लाश मिली। सूत्रों के मुताबिक, मनसुख के मुंह पर रुमाल बांध और हाथ बांध कर जिंदा खाड़ी (समुद्र) में फेंक दिया गया।

NIA को भी मिले थे मनसुख की हत्या के सबूत

एटीएस से पहले ही एनआईए को मनसुख की हत्या के अहम सबूत मिल गए थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मनसुख हत्या की जांच एनआईए को सौंपने कुछ ही घंटों में एटीएस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लेने का दावा किया है।

वझे ने मनसुख को भी किया था षड्यंत्र में शामिल

सूत्रों के मुताबिक, वझे ने अपने इस षड्यंत्र में मनसुख हिरेन को शामिल किया था। इसके सबूत ATS और NIA को मिले हैं, लेकिन जब तक ATS सचिन वझे से पूछताछ नहीं कर लेती वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मनसुख डर या फिर अपनी मर्जी से वझे के साथ मिला था। फिलहाल दोनों के बीच संपर्क के डिजिटल एविडेंस ATS को मिले हैं। मनसुख के वकील और उनके परिवार का बयान भी इस मामले में अहम कड़ी साबित हुआ है।

जांच में यह सामने आया है कि वझे के कहने पर ही मनसुख 18 फरवरी को विक्रोली पुलिस स्टेशन में अपनी स्कॉर्पियो चोरी की शिकायत दर्ज करवायी थी। एनआईए की फ़ॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो चोरी ही नहीं हुई थी। वझे के साथ साजिश में मनसुख के अलावा सीआईयू के दो अन्य लोगों के भी शामिल होने का संदेह है। यह भी सामने आया है कि वझे के कहने पर ही मनसुख ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और ठाणे पुलिस आयक्त को पत्र लिखा था।

जिम्मेदारी लेने से मना करने पर हत्या करने का संदेह

ATS सूत्रों की माने तो वझे ने मनसुख से अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो को पार्क करने की जिम्मेदारी लेने को कहा था। उसने मनसुख से कहा था कि वह इस मामले की जांच कर रहा है और उसे आसानी से छुड़ा लेगा। मनसुख ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। माना जा रहा है कि इसी के बाद वझे को लगा कि मनसुख अपना मुंह खोल सकता है और उसने मनसुख की हत्या की साजिश रची।

बुकी ने दिलाए 5 सिम कार्ड

नरेश ने वझे को 5 सिम कार्ड दिलाए थे, जिनका इस्तेमाल मनसुख की हत्या में किया गया। क्रिकेट बुकी नरेश मुंबई पुलिस में वझे के वापसी से काफी पहले से उसके साथ जुड़ा हुआ था और वझे के साथ सट्टेबाजी धंधे से भी जुड़ा हुआ था। एटीएस अधिकारियों को नरेश के अलावा कुछ और के शामिल होने का अंदेशा है।

कार का किया था हत्या में इस्तेमाल

एनआईए ने वझे से पूछताछ में स्कॉपियो के अलावा जो चार लक्जरी कारें बरामद की हैं, जांच में सामने आया है कि उनमें से एक का इस्तेमाल मनसुख की हत्या में किया गया था। पिछले दिनों पुणे फोरेंसिक टीम मुंबई आयी थी और कारों का सैंपल लिया। एनआईए इन कारों की आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने को लेकर जांच कर रही है।

शिंदे ही था ‘तावड़े

निलंबित सिपाही विनायक शिंदे वर्ष 2006 में वर्सोवा में हुए गैंगस्टर रामनारायण गुप्ता उर्फ लखन भैया के फर्जी एनकाउंटर में शामिल था। उसे 11 पुलिस कर्मियों के साथ आजीवन कारावास की सजा हुई है। शिंदे पेरोल पर जेल से बाहर आने के बाद से ही वजे के संपर्क में था। खुलासे के मुताबिक, शिंदे ने ही तावड़े नाम से मनसुख को फोन किया था।

ATS ने इस मामले में इन धाराओं में दर्ज किया है केस

ATS ने मनसुख हिरेन की मौत के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाने), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है।

खबरें और भी हैं…

Source link

WC News
the authorWC News

Leave a Reply