झारखंड

मधुपुर विधानसभा उपचुनाव: आजसू से BJP में शामिल हुए गंगा नारायण, टिकट मिलना तय; ज्वाइन करते ही कहा- बचपन से BJP का नारा लगाता था, आज पार्टी का सिपाही बन गया

wcnews.xyz
Spread the love

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रांची22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
बाबू लाल मरांडी ने कहा- गंगा नारयण सिंह के पार्टी में शामिल होने से देवघर में पार्टी मजबूत होगी। - Dainik Bhaskar

बाबू लाल मरांडी ने कहा- गंगा नारयण सिंह के पार्टी में शामिल होने से देवघर में पार्टी मजबूत होगी।

आजसू के नेता गंगा नारायण सिंह सोमवार को BJP में शामिल हो गए। इनके शामिल होते ही अब लगभग ये स्पष्ट हो गया है कि मधुपुर विधानसभा उपचुनाव में ये BJP के उम्मीदवार होंगे। केंद्रीय समिति से औपचारिकता पूरी होते ही अगले एक-दो दिन में इसकी घोषणा हो सकती है।

पार्टी ज्वाइन करते ही गंगा नारायण सिंह ने कहा कि बचपन से BJP का नारा लगाता था। आज इस पार्टी का सिपाही बन गया हूं। बिना लोभ और लालच के पार्टी के लिए काम करुंगा। गांव और गरीबों के सम्मान के लिए शामिल हुआ हूं। BJP का सिपाही होने के नाते निःस्वार्थ भाव से गांव के लिए काम करुंगा। पीएम के विचारों को गांव तक पहुंचाउंगा।

आज केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा नाम, 25 तक हो सकती है घोषणा
भाजपा में शामिल हाेते ही मधुपुर सीट के लिए उनका नाम केंद्रीय नेतृत्व काे भेज दिया जाएगा। इस सूची में तीन नाम हाेंगे। सबसे पहले गंगा नारायण, दूसरे स्थान पर राज पलिवार और तीसरे स्थान पर रवि तिवारी या संजय यादव। हालांकि दाे नाम भी भेजे जा सकते हैं और यह भी सिर्फ औपचारिकता हाेगी। क्याेंकि प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें चुनाव मैदान में उतारने का मन बना लिया है ।

गंगा नारायण सिंह पार्टी के विधायक दल के नेता बाबू लाल मरांडी ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।

गंगा नारायण सिंह पार्टी के विधायक दल के नेता बाबू लाल मरांडी ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।

राज पालिवार की जगह गंगा नारायण सिंह क्यों?
राजनीति के गलियारे में इस बात की चर्चा गर्म थी कि BJP एक बार फिर से अपने पुराने खिलाड़ी राज पालिवार पर दाव लगा सकती है। लेकिन वे समीकरण में पूरी तरह फिट नहीं बैठ पाए। राजनीति के जानकार कहते हैं कि BJP इस उपचुनाव में किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है। सत्तापक्ष पहले ही वहां से मंत्री को उतार चुका है। ऐसा माना जाता है कि पिछले विधानसभा में गंगानारायण सिंह के कारण ही राजपालिवार हारे थे। विधानसभा चुनाव में तब ये आजसू से चुनाव लड़कर 45620 वोट से तीसरे स्थान पर रहे थे। जबकि 23069 वोट से राज पालिवार JMM के हाजी हुसैन अंसारी से हार गए थे।

यूपीए और एनडीए के बीच होगा मुकाबला
आजसू पहले ही बीजेपी को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुका है। ऐसे में मधुपुर के उपचुनाव में मुकाबाला एनडीए और यूपीए में होगा। कोई तीसरा कोण नहीं बन पाएगा। ऐसे में अगर विधानसभा चुनाव में प्राप्त वोटों को देखें तो एनडीए का पलड़ा भारी लग रहा है। अगर सभी वोटों को एनडीए अपने पक्ष में करने में कामयाब हो जाता है तो यूपीए को झटका लग सकता है। हालांकि हफीजुल अंसारी को पहले ही मंत्री बनाकर सीएम हेमंत सोरेन मास्टर स्ट्रोक खेल चुके हैं।

मधुपुर सीट जीत मनोवैज्ञानिक लाभ लेना चाहती है भाजपा
मधुपुर विधानसभा उपचुनाव जीत कर राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा मनोवैज्ञानिक लाभ लेना चाहती है। वह भविष्य में होने वाले राज्यसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए भी आश्वस्त हो जाना चाहती है। राज्यसभा चुनाव में कम से कम 27 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है, जबकि भाजपा के पास अभी 26 विधायक हैं। हालांकि ऐसे चुनाव में आजसू उसे समर्थन करती है, पर भाजपा चाहती है कि उसके पास खुद के 27 विधायक हाे जाएं। इसके लिए मधुपुर उपचुनाव जीतना उसके लिए काफी महत्वपूर्ण है।

हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद से खाली है सीट
राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का पिछले साल तीन अक्टूबर काे निधन हाे गया। इसके बाद से यह सीट खाली है। इसी बीच उनके बेटे हफीजुल हसन काे बिना विधायक बने ही मंत्री बना दिया गया। ऐसे में झामुमाे की ओर से उनका चुनाव लड़ना तय है।

खबरें और भी हैं…

Source link

WC News
the authorWC News

Leave a Reply