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बात भारत-पाक रिश्तों की: वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियनशिप में भाग लेने आए शूटर उस्मान चंद बोले- लाहौर से दिल्ली आने में 45 मिनट की जगह 18 घंटे लगे; आर्थिक और खेल संबंध फिर से हों कायम

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नई दिल्ली2 घंटे पहलेलेखक: राजकिशोर

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पाकिस्तानी शूटर उस्मान चंद का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधरने चाहिए। दोनों देशों के बीच फिर से आर्थिक और खेल संबंध कायम होने चाहिए। इससे दोनों देशों के लोगों को फायदा होगा। उस्मान चंद पाकिस्तान के एकमात्र शूटर हैं, जो वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भाग लेने के लिए भारत आए हैं।

लाहौर से दिल्ली आने में 45 मिनट की जगह 18 घंटे लग रहे हैं
उन्होंने बताया कि वे 2016 में भी वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भाग लेने के लिए भारत आ चुके हैं। पहले भारत के लिए आसानी से वीजा मिल जाता था। आने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती थी। सड़क मार्ग से भी आ जाते थे, लेकिन अब दोनों देशों के बीच संबंध खराब होने की वजह आवाजाही बंद है। पिछले कुछ सालों से वीजा मिलने में परेशानी हो रही है। 2019 में वीजा नहीं मिलने के कारण ही पाकिस्तान की शूटिंग टीम वर्ल्ड कप में भाग लेने के लिए नहीं आ पाई थी। इस बार भी हमें उम्मीद नहीं थी, कि वीजा मिलेगा। हालांकि हम शुकगुजार हैं कि दोनों फेडरेशनों के प्रयास से हमें वीजा मिल गया, लेकिन अब डायरेक्ट विमान सेवा नहीं होने से 18 घंटा से ज्यादा सफर तय करना पड़ा रहा है। जबकि लाहौर से दिल्ली हवाई मार्ग 45 मिनट का है। अब भारत आने के लिए दुबई और अमीरात होकर आना पड़ता है।

व्यापार बंद होने से दोनों देशों को हो रहा है नुकसान
36 साल के उस्मान चंद बिजनेस मैन हैं। वह सियालकोट के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनकी डेंटल सर्जिकल और अन्य मेडिकल के सामान बनाने की कंपनी है। पांच साल पहले तक उनका अधिकांश माल उनका भारत में आता था। उनके जालंधर सहित भारत के कई हिस्सों में माल जाता था और ग्राहक थे। कई बार वह गुरुवार को बाघा बॉर्डर तक अपनी गाड़ी से आते थे। वहां पर गाड़ी खड़ा करते थे और उनका जालंधर का ग्राहक बाघा बॉर्डर से उन्हें अपनी गाड़ी से लेकर जाता था। फिर वह बिजनेस मीटिंग करते और मौज मस्ती करके वापस लौट जाते थे।

लेकिन पिछले पांच सालों से वीजा मिलने में दिक्कत होती है। वहीं अब दोनों देशों के बीच व्यापार भी बंद हो चुका है। ऐसे में वह अपना माल यूरोप और चीन को निर्यात करते हैं। भारतीय ग्राहकों को अब उनका माल चीन और यूरोप से लेना पड़ता है। ऐसे में उन्हें ज्यादा टैक्स भी देना पड़ता है।

भारतीय शूटरों से है अच्छे संबंध
उस्मान चंद ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक संबंध बेशक अच्छे न हों, लेकिन भारत के स्कीट शूटर मिराज खान और अंगद बजाज उनके अच्छे दोस्त हैं। वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एक दूसरे का हौसला अफजाई करते हैं और सपोर्ट करते हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में एशियाई चैम्पियनशिप में हम तीनों ओलिंपिक कोटा के लिए फाइट कर रहे थे। मिराज, अंगद और मैं तीनों फाइनल में पहुंचे। दोनों ने कोटा हासिल कर लिया, लेकिन मैं हासिल नहीं कर पाया। फाइनल खत्म होने के तुरंत बाद मेने सबसे पहले जाकर दोनों को बधाई दी।

2020 नवंबर के बाद नहीं लिया है भाग
उस्मान चंद ने बताया कि 2020 नवंबर के बाद से किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने भाग नहीं लिया है। वह यहां पर अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए आए हैं। अगर उनकी रैंकिंग में सुधार होता है, तो उन्हें ओलिंपिक कोटा मिल सकता है, क्योंकि उनसे ऊपर के रैंक वाले अधिकांश शूटर कोटा हासिल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके घर में सभी शिकारी हैं, लेकिन स्पोर्ट्स में कोई नहीं है। उन्होंने अपने दोस्त को देखकर 2008 से नेशनल चैम्पियनशिप में भाग लेना शुरु किया। उनका टारगेट पाकिस्तान के लिए ओलिंपिक में मेडल जीतना है।

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