बिहार

बंदरा में अधेड़ की माैत: 2 अप्रैल काे पड़ा था टीका; डॉक्टर बोले- 4 दिन बाद नहीं हाेता साइड इफेक्ट

wcnews.xyz
Spread the love

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बंदरा21 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

मतलुपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड 14 निवासी 52 वर्षीय पुत्र शिवकुमार महतो की मौत हो गई। उसके बड़े पुत्र प्रदीप कुमार का आराेप है कि काेराेना का टीका लेने के बाद पिताजी की माैत हुई है। बताया कि पिताजी ने 2 अप्रैल को पीएचसी में टीका लिया था। उसके बाद में अस्वस्थ हो गए। 4 अप्रैल को उनको बुखार और पेट दर्द के साथ उल्टी हुई। स्थानीय चिकित्सक से दवा लेकर खिलाया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर उन्हें 5 अप्रैल को पीएचसी ले गए, जहां पीएचसी के स्टॉफ ने कोरोना टीका की पर्ची को देखा और बोला कि पटना पीएमसीएच ले जाइए। घर आकर एक गाड़ी से पटना के लिए चले कि इस दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

पहले से उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। इधर, पीएचसी के चिकित्सक डाॅ. पुनीत कुमार ने बताया कि काेराेना टीकाकरण के बाद आधा से एक घंटा हमलाेग देखरेख में रखते हैं। उनमें काेई भी लक्षण नहीं दिखाई दिया था। इसलिए हमलाेगाें ने घर भेज दिया था। टीका का साइडइफेक्ट अगर होता तो उसी दिन होता, जबकि माैत चार दिन बाद हुई है। हाे सकता है कि पूर्व से काेई उन्हें गंभीर बीमारी हाे।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंचे बीडीओ अलख निरंजन ने बताया कि बिना पोस्टमार्टम और घटना का कारण स्पष्ट हुए मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। हत्था ओपी प्रभारी शमीम अख्तर ने बताया कि इस मामले में उन्हें कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। इधर, अधेड़ का शव घर पर पड़ा था। बंगलुरू में रह रहे उसके छाेटे पुत्र के आने के बाद गांव में दाह संस्कार किया जाएगा।

खबरें और भी हैं…

Source link

WC News
the authorWC News

Leave a Reply