झारखंड

फंदे पर झूला छात्र: मां ने डांटा- मोबाइल गेम छोड़ो, पढ़ाई करो; 10वीं के छात्र ने लगाई फांसी

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चाईबासा4 मिनट पहले

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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो

  • मां ने कहा- करियर की बात कही तो बेटा जिंदगी भर का गम दे गया
  • चाईबासा के डांगुआपोसी मुंडासाई गांव की घटना

मोबाइल फोन पर अक्सर वीडियो गेम खेलते रहते हो, यह अच्छी बात नहीं। 10वीं में पहुंच गए हो। पढ़ाई पर ध्यान दो। अब से तुम्हें मोबाइल नहीं मिलेगा… मां विद्या देवी ने जब बेटे शिवशंकर पूर्ति (15) पर नाराजगी जताते हुए ये बात कही ताे वह गुस्से में आ गया और मां की ओर माेबाइल फेंककर अपने कमरे में चला गया। इसके बाद फांसी लगाकर जान ने दे दी। घटना मंगलवार रात चाईबासा के डांगुआ पोसी मुंडासाई गांव की है। रोती-बिलखती मां अब बोल रही कि बेटे को बेहतर करियर के लिए डांटा तो उसने जिंदगीभर के लिए गम दे दिया।

पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों के अनुसार, डांट मिलने पर शिवशंकर ने मां की ओर मोबाइल फेंकते हुए कहा- ये लोग तुम्हारा मोबाइल और अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद बुलाने पर उसने भोजन भी किया, फिर अपने कमरे में सोने चला गया। बुधवार सुबह जब काफी देर तक वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तो मां ने आवाज दी। कई बार आवाज देने के बाद भी जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो परिजनों को शक हुआ। परिजन दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो शिवशंकर को फांसी के फंदे से झूलता पाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और रस्सी काटकर शिवशंकर को नीचे उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

रिटायर्ड होने के बाद रामगढ़ में रह रहे थे

इधर, डिप्रेशन में रिटायर्ड रेलवे कर्मी ने फांसी लगाकर दे दी जान

रामगढ़ शहर के विकास नगर क्षेत्र के रानीबागी में रिटायर्ड रेलवे कर्मी ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि रानीबागी निवासी रिटायर्ड रेलवे कर्मी सुरेंद्र यादव (62) ने बुधवार दोपहर को अपने घर के प्रथम तल्ले में साड़ी से फांसी लगा ली। उनकी पत्नी के शोर मचाने पर पड़ोस के लोग जुटे और सूचना पुलिस को दी गई। उन्हें फंदे से नीचे उतारा गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि परिवार वालों के मुताबिक वे डिप्रेशन में थे और इलाज में भी चल रहा था। इधर, आसपास के लोगों ने बताया कि सुरेंद्र यादव एक वर्ष पहले पतरातू के रेलवे विभाग से रिटायर्ड होने के बाद रामगढ़ के रानीबाग में घर बनाकर पत्नी के साथ रह रहे थे।

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