व्यपार

पुराने अनुमानों से 1% ज्यादा रह सकती है ग्रोथ: भारत के लिए अच्छी खबर, मिलने लगे हैं आर्थिक गतिविधियों के सामान्य होने के संकेत: IMF

wcnews.xyz
Spread the love

  • Hindi News
  • Business
  • Gita Gopinath Update, IMF Chief Economist Gita Gopinath On India Economic Growth Rate 2022

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

39 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
IMF की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ - Dainik Bhaskar

IMF की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ

  • IMF के मुताबिक, इस साल 12.5% रह सकती है भारत की GDP ग्रोथ
  • एनुअल वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में अगले साल 6.9% ग्रोथ का अनुमान

भारत में आर्थिक गतिविधियों के सामान्य होने के संकेत मिलने लगे हैं। यह बात IMF की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने कही है। मंगलवार को IMF ने भारत की GDP ग्रोथ 2021 में 12.5% रहने का अनुमान दिया था। यह ग्रोथ रेट चीन की अनुमानित GDP ग्रोथ से काफी ज्यादा है। कोविड के कहर के बीच पिछले साल दुनिया के बड़े देशों में सिर्फ चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ पॉजिटिव रही थी।

IMF ने दिया आर्थिक वृद्धि दर 2022 में 6.9% रहने का अनुमान

गीता ने इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) और वर्ल्ड बैंक की एनुअल स्प्रिंग मीटिंग से पहले कहा है, ‘पिछले दो महीनों से जो संकेत मिल रहे हैं उनके मुताबिक भारत में आर्थिक गतिविधियां सामान्य होती जा रही है।’ IMF ने अपने एनुअल वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले साल (2022) 6.9% रहने का अनुमान दिया है।

2021 में आर्थिक वृद्धि दर पुराने अनुमानों से 1% ज्यादा रह सकती है

पिछले साल इंडिया की इकोनॉमी के साइज रिकॉर्ड 8% की गिरावट आई थी। गीता के मुताबिक 2021 में IMF की तरफ से भारत की आर्थिक वृद्धि दर के लिए दिया गया अनुमान पहले से थोड़ा बेहतर हुआ है।गीता ने कहा, ‘जहां तक भारत की बात है तो इसकी इकोनॉमिक ग्रोथ के अनुमान में मामूली बदलाव हुआ है। 2021 में उसकी आर्थिक वृद्धि दर पुराने अनुमानों से 1% ज्यादा रह सकती है। इसकी वजह आर्थिक वृद्धि दर के बारे में संकेत देने वाले अहम आंकड़ों में आई मजबूती रही है।’

कोविड के एक्टिव केस बढ़ने से ग्रोथ के अनुमान पर बड़ा दबाव बनेगा

IMF के रिसर्च डिपार्टमेंट के डिविजन चीफ मल्हार नबर ने रिपोर्टर्स से बातचीत में कहा कि भारत की सालाना आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान कम-से-कम रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह सच है कि कोविड संक्रमण के मामलों में हो रही बढ़ोतरी आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान पर बड़ा दबाव बना सकती है।’ दुनिया की अर्थव्यवस्था पिछले साल 4.3% सिकुड़ गई थी। 2009 में मची तबाही के बीच ग्लोबल इकोनॉमी की जो स्थिति थी, इस बार ढाई गुना ज्यादा खराब रही।

भारत में 1,28,01,785 लोग कोविड से संक्रमित; 1,66,177 लोग मर चुके हैं

जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के कोरोनावायरस ट्रैकर के मुताबिक दुनियाभर में 13,24,69,663 लोग कोविड संक्रमण के शिकार हो चुके हैं जबकि 28,74,372 लोगों की मौत हो चुकी है। जहां तक भारत की बात है तो यहां इससे 1,28,01,785 लोग संक्रमित पाए गए हैं जबकि 1,66,177 लोगों की मौत इससे हुई है।

खबरें और भी हैं…

Source link

WC News
the authorWC News

Leave a Reply