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नवरूणा कांड: पीड़ित के वकील बोले- स्टेटस रिपाेर्ट जांच का भाग, नहीं पहुंची सीबीआई, अब 23 काे सुनवाई

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मुजफ्फरपुर19 घंटे पहले

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18 सितंबर 2012 की रात नवरूणा का अपहरण हुआ था। 26 नवंबर 2012 को उसका कंकाल मिला था। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

18 सितंबर 2012 की रात नवरूणा का अपहरण हुआ था। 26 नवंबर 2012 को उसका कंकाल मिला था। फाइल फोटो

नवरूणा कांड की मंगलवार काे मुजफ्फरपुर के विशेष सीबीआई काेर्ट में सुनवाई की गई। इसमें सीबीआई के अधिकारी या वकील उपस्थित नहीं हुए। पीड़ित पक्ष के वकील शरद सिन्हा ने काेर्ट में सुनवाई के दाैरान कहा कि सुप्रीम काेर्ट से लाैटाए गए बंद लिफाफे सीबीआई अधिकारी इस काेर्ट में प्रस्तुत करें।

स्टेटस रिपाेर्ट अनुसंधान का प्रमुख अंग है। इसके अवलाेकन के बाद ही फाइनल रिपाेर्ट के बिंदु पर आगे काेई पक्ष रखा जाएगा। सीबीआई के उपस्थित नहीं रहने के कारण काेर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 23 अप्रैल तय कर दी है। उस दिन पीड़ित व सीबीआई के वकील के बीच मामले पर बहस हाेगी।

सीबीआई ने बीते 12 मार्च काे काेर्ट में आवेदन देकर कहा था कि फाइनल रिपाेर्ट दाखिल हाेने के बाद स्टेटस रिपाेर्ट का काेई महत्व नहीं है। इसलिए उसे दाखिल नहीं किया जा सकता है। सीबीआई ने काेर्ट से आग्रह किया है कि स्टेटस रिपाेर्ट काे दाखिल करने की पीड़ित पक्ष की मांग खारिज की जाए। अब अगली तिथि पर बहस के बाद काेई निर्णय लिया जाएगा।

बता दें कि सीबीआई ने इस मामले में सभी आराेपिताें काे क्लीन चिट दे दी है। फाइनल रिपाेर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि नवरूणा कांड सत्य है, लेकिन किसी भी आराेपित के विरुद्ध मुकदमा चलाने का काेई साक्ष्य नहीं मिल सका है। ऐसे में पूर्व में जेल भेजे गए आराेपिताें काे सीबीआई की फाइनल रिपाेर्ट से बड़ी राहत मिल चुकी है।

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