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डेटा प्राइवेसी की जिम्मेदारियों से अनजान: 57% भारतीय कंपनियां डेटा लॉस के चलते रहीं डाउन टाइम शिकार, दसियों साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन यूज करने का भी फायदा नहीं

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21 मिनट पहले

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  • देश की 70% कंपनियां एक साथ 10 बाकी 30% कंपनियां 10 से ज्यादा सॉल्यूशन यूज कर रही थीं
  • इसके बावजूद 57% कंपनियों का कामकाज पिछले साल डेटा लॉस के चलते अचानक ठप हो गया था

देश की जिन कंपनियों को पिछले साल साइबर अटैक के चलते डेटा लॉस हुआ था, उनमें से हर दूसरी कंपनी का कामकाज कुछ समय के लिए ठप पड़ गया। यह जानकारी सोमवार को जारी नई रिपोर्ट में मिली है जिसके मुताबिक देश की लगभग 70% कंपनियां एक साथ 10 साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन का इस्तेमाल कर रही हैं। बाकी 30% कंपनियां 10 से ज्यादा सॉल्यूशन यूज कर रही हैं इसके बावजूद 57% कंपनियों का कामकाज पिछले साल डेटा लॉस के चलते अचानक ठप हो गया था।

ज्यादा सिक्योरिटी सॉल्यूशन में पैसा लगाने से प्रोटेक्शन बढ़ेगा, जरूरी नहीं

ऐसे में साइबर प्रोटेक्शन स्पेस की ग्लोबल लीडर सिंगापुर की एक्रोनिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ज्यादा सिक्योरिटी सॉल्यूशन में पैसा लगाने से प्रोटेक्शन बढ़ेगा, यह जरूरी नहीं। कुछ मामलों में तो ज्यादा प्रोटेक्शन यूज करने से कंपनियों के कामकाज में जटिलताएं बढ़ जाती हैं। एक्रोनिस ने सर्वे में भारत सहित 22 देशों के 4,400 यूजर्स और प्रोफेशनल्स को शामिल किया था।

इंडियंस को ज्यादातर उपलब्ध IT और साइबर सिक्योरिटी के बारे में पता नहीं

एक्रोनिस के जीएम साउथ एशिया रुस्तम हीरामानिक ने कहा, ‘इन नतीजों से हमारा यह भरोसा सही साबित हुआ है कि साइबर अटैक से ऐसा प्रोटेक्शन लेना सही होता है जिसमें एक साथ डेटा प्रोटेक्शन, साइबर सिक्योरिटी के साथ कंपनी के हर आईटी सिस्टम को पूरी तरह मैनेज करने की सुविधा मिलती हो।’ रिपोर्ट में पता चला है कि भारत के ज्यादातर यूजर्स और प्रोफेशनल्स को ज्यादातर उपलब्ध IT और साइबर सिक्योरिटी के बारे में पता नहीं है। इससे उनको बहुमूल्य समय, पैसों और सिक्योरिटी से हाथ धोना पड़ सकता है।

देश में 20% IT प्रोफेशनल को डेटा प्राइवेसी को लेकर स्पष्टता नहीं

लेकिन यह चौंकाने वाली बात है कि देश में 20% IT प्रोफेशनल को पता ही नहीं कि उनकी कंपनी को डेटा प्राइवेसी का ध्यान रखने की जरूरत है। जिनको डेटा प्राइवेसी बनाए रखने की जरूरत है, अगर उनको उसका पता ही नहीं हो तो वे उससे जुड़ी रणनीति कैसे लागू कर पाएंगे या उनकी जरूरत पूरी करने वाले कौन से सॉल्यूशन कितने कारगर हैं यह कैसे पता लगा पाएंगे। उनकी अज्ञानता की वजह से कंपनियों पर 2021 नियमों का पालन नहीं करने के चलते भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

डेटा प्रोटेक्शन के मामले में भारतीय IT यूजर्स बड़े सुस्त होते हैं

लगभग 35% IT यूजर्स और 11% IT प्रोफेशनल को पता ही नहीं चलेगा अगर कोई उनके डेटा के साथ छेड़छाड़ करता है। उनके पास मौजूद सॉल्यूशन के लिए उसका पता करना मुश्किल है। सर्वे के नतीजों से यह भी पता चला है कि भारत के हर 10 में से एक IT यूजर्स को पता ही नहीं उनका एंटी मैलवेयर अनजाने हमलों को नहीं पकड़ पाता है, क्योंकि सॉल्यूशन उनकी जानकारी आसानी से नहीं दे पाता है। लेकिन 58% यूजर्स ऐसा सॉल्यूशन होने का दावा करते हैं। सर्वे में यह भी पता चला है कि डेटा प्रोटेक्शन के मामले में भारतीय IT यूजर्स बड़े सुस्त होते हैं।

बैक अप लेने और डेटा रिकवरी के बारे में ज्यादातर को पता नहीं

सर्वे के मुताबिक लगभग 98% IT यूजर्स ने पिछले साल अपने सिस्टम पर ज्यादा समय बिताया और 85% यूजर्स ने उनके प्रोटेक्शन के लिए ज्यादा कदम उठाए। लगभग 35% यूजर्स ने माना कि वे पैच (मौजूदा सॉफ्टवेयर में मौजूद खामियों को दूर करने वाले अपडेट) का नोटिफिकेशन मिलने के हफ्ते भर बाद तक अपना सिस्टम अपडेट नहीं करते। हालांकि 40% यूजर्स का कहना है कि वे अपने डेटा का बैक अप रोज लेते हैं, लेकिन 90% यूजर्स को कम से कम एक बार डेटा लॉस का सामना करना पड़ा है। इसका मतलब यह कि उन्हें पता नहीं कि उनको बैकअप कैसे लेना है या कैसे डेटा रिकवर करना है।

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