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टीम इंडिया की जीत का एनालिसिस: हमारे गेंदबाजों ने 47 डॉट बॉल डाले, इंग्लैंड से 68% ज्यादा; सभी बल्लेबाजों ने की 150+ के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी

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अहमदाबाद2 दिन पहले

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पांचवें टी-20 मैच में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को एकतरफा मुकाबले में 36 रन से हरा दिया। टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करते हुए मैच जीतने की कला तो विराट की टीम ने चौथे टी-20 में ही सीख ली थी। इस बार इस कला को और भी ज्यादा निखार दिया गया। कसी हुई गेंदबाजी, बेहतरीन ओपनिंग साझेदारी और सभी बल्लेबाजों के बेहतर स्ट्राइक रेट सहित इस मैच में भारत की जीत के पीछे पांच अहम फैक्टर रहे। चलिए इन सब को जान लेते हैं।

5. विराट-रोहित की सुपरहिट जोड़ी

पहले बल्लेबाजी करते हुए पावर-प्ले में कमजोर प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। चौथे टी-20 में इसमें थोड़ा सुधार आया लेकिन आखिरी मुकाबले में विराट और रोहित की जोड़ी ने इस सुधार को नेक्स्ट लेवल पर पहुंचा दिया। विराट ने रोहित के साथ ओपनिंग का फैसला किया और यह बिल्कुल सटीक साबित हुआ। पावर-प्ले के 6 ओवर में दोनों ने 60 रन जोड़ दिए। इससे भारत के विशाल स्कोर की नींव तैयार हो गई।

4. मुंबई के तीन इंडियंस की धाकड़ बल्लेबाजी

इस मैच में भारत की ओर से चार बल्लेबाज उतरे। इनमें से तीन IPL में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हैं। इन तीनों ने इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस कर दिया। रोहित ने 188.24, सूर्यकुमार यादव ने भी 188.24 और हार्दिक पंड्या ने 229.41 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

3. कप्तान विराट ने एक छोर संभाले रखा
एक और जहां रोहित, सूर्यकुमार और पंड्या ने तूफानी बल्लेबाजी की, वहीं दूसरी ओर से कप्तान विराट कोहली ने एक छोर संभाले रखा। विराट ने लगातार स्ट्राइक रोटेट किया और आक्रामक खेल दिखा रहे बल्लेबाजों को ज्यादा से ज्यादा स्ट्राइक दिया। इसके बावजूद उनका स्ट्राइक रेट भी 150 से ऊपर का रहा। विराट चाहते तो शतक के लिए खेल सकते थे, लेकिन उन्होंने टीम हित को आगे रखा। पूरे 20 ओवर नॉटआउट रहने के बावजूद विराट ने सिर्फ 52 गेंदें खेलीं। इससे उनकी नि:स्वार्थ बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है। वे चाहते तो आराम से 65-70 गेंदें खेल सकते थे।

2. इंग्लैंड का पेस अटैक फेल
इस सीरीज में इंग्लैंड का पेस अटैक भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा था। मार्क वुड की 150+ और जोफ्रा आर्चर व क्रिस जॉर्डन की 140+ की रफ्तार से डाली हुए गेंदों पर भारतीय बल्लेबाज थोड़े असहज हो रहे थे। लेकिन, पांचवें मैच में भारतीय बल्लेबाजों के काउंटर अटैक से इंग्लैंड का पेस अटैक बुरी तरह फेल हो गया। वुड और जॉर्डन ने तो रन लुटाने के मामले में हाफ सेंचुरी पूरी कर ली। वुड ने 4 ओवर में 53 और जॉर्डन ने 57 रन दे दिए। आर्चर ने भी 4 ओवर में 43 रन खर्च किए। तीन प्रमुख गेंदबाजों के फेल होने से इंग्लैंड का आक्रमण बिखर गया।

1. भुवी की लीडरशिप में कंजूस गेंदबाजी
भुवनेश्वर कुमार की अगुवाई में भारतीय गेंदबाज ने डॉट बॉल की झड़ी लगा दी। भारतीय गेंदबाजोें ने मैच में कुल 47 डॉट बॉल डाली। इंग्लैंड के गेंदबाज 28 डॉट बॉल ही फेंक सके। यानी भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लिश गेंदबाजी की तुलना में 68% ज्यादा डॉट बॉल डाली। 17 डॉट बॉल तो अकेले भुवनेश्वर कुमार ने डाली। साथ ही उन्होंने 2 विकेट भी लिए। बल्लेबाजों की मददगार पिच पर इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया।

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