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खाओ-पिओ, फिर दो वोट: यूपी के पंचायत चुनावों में शाम ढलते ही छलक रहे जाम, गांवों में ‘पक्की दारू-पक्का वोट’ का नारा चल रहा है

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  • In Panchayat Elections Of U P Alcohol And Chicken Mutton Are Being Used, The Slogan Of ‘Pakka Daru pakka Vote’ Is Going On The Villages.

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लखनऊ11 मिनट पहलेलेखक: विजय उपाध्याय

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गांवों में शाम ढलते ही जश्न का माहौल दिखने लगता है। शहरों में रह रहे लोग भी वोट डालने गांव लौट रहे हैं। उनके आने-जाने के खर्च का इंतजाम भी उम्मीदवार ही कर रहे हैं। - Dainik Bhaskar

गांवों में शाम ढलते ही जश्न का माहौल दिखने लगता है। शहरों में रह रहे लोग भी वोट डालने गांव लौट रहे हैं। उनके आने-जाने के खर्च का इंतजाम भी उम्मीदवार ही कर रहे हैं।

  • उम्मीदवार जमकर बांट रहे शराब और चिकन-मटन, शाम ढलते ही बदल रहा गांव का माहौल

उत्तरप्रदेश के पंचायत चुनावों के पहले चरण में मतदान से गांवों में ‘पहले खाओ-पिओ, फिर वोट दो’ का माहौल बन गया है। ग्रामीण इलाकों में ‘कच्ची दारू कच्चा वोट, पक्की दारू पक्का वोट, दारू मुर्गा खुला वोट’ का नारा चल रहा है।

ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में उम्मीदवार किसानों के लिए कंबाइन हार्वेस्टर से गेंहू की कटाई भी करा रहे हैं। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन इलाकों में पहले चरण के चुनाव होने हैं, वहां मटन-चिकन और मछली के साथ शराब की खपत बढ़ गई है।

इससे गांवों में मांसाहार की कीमतों में भी खासा इजाफा देखने मिल रहा है। जौनपुर जिले के घनश्याम सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में मुर्गे की कीमतें डेढ़ गुनी बढ़ गई हैं। 130 रुपए किलो बिकने वाला मुर्गा 200 रुपए से अधिक में बिक रहा है। यही हालत बकरे की कीमतों में भी है। अनारक्षित सीटों पर खर्च ज्यादा है। उम्मीदवार वोटरों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

वहीं सुल्तानपुर के सेमरी निवासी दिग्विजय सिंह बताते हैं, ‘गांवों में ‘सूर्य अस्त, जनता मस्त’ का नजारा देखने मिल रहा है। सामूहिक भोज का दौर भी चल रहा है। नकद रुपए भी बांटे जा रहे हैं। उम्मीदवार साड़ी व कपड़े तक बांटने की तैयारी कर रहे हैं।’

इधर, सूबे का आबकारी विभाग भी जहरीली शराब पर अंकुश लगाने में जुटा है। जिलों में संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। अपर मुख्य सचिव (आबकारी) संजय भूसरेड्डी ने कहा कि पंचायत चुनाव में अवैध शराब की रोकथाम के लिए अभियान शुरू किया गया है। सबसे बड़ा खतरा अवैध व जहरीली शराब का है।

अयोध्या व प्रतापगढ़ में वोट के लिए जहरीली शराब बांटने से पहले भी मौतें हो चुकी है। बता दें, पंचायत चुनाव के पहले चरण में 18 जिलों में 15 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। 5 और 6 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 7 अप्रैल को नाम वापसी और उसी दिन चुनाव चिह्न का आवंटन होगा।

शहर में रह रहे वोटरों के आने-जाने का खर्च भी उम्मीदवार उठा रहे

गांवों में शाम ढलते ही जश्न का माहौल दिखने लगता है। शहरों में रह रहे लोग भी वोट डालने गांव लौट रहे हैं। उनके आने-जाने के खर्च का इंतजाम भी उम्मीदवार ही कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खर्च ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार कर रहे हैं। इसके बाद क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य भी वोटरों पर खर्च कर रहे हैं।

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