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कोरोना दुनिया में: फ्रांस में 55 साल से ऊपर के लोगों को ही एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लगेगी; आयरलैंड ने भी रोक हटाई

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पेरिस/लंदन3 घंटे पहले

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शुक्रवार को एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगवाया। इसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर दी। - Dainik Bhaskar

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शुक्रवार को एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगवाया। इसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर दी।

दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच फ्रांस ने एक्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल को सीमित कर दिया है। यहां अब 55 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों को ही यह वैक्सीन लगाई जाएगी। ब्लड क्लॉटिंग की रिपोर्ट के बाद फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने इस वैक्सीन पर रोक लगा दी थी। फ्रांस ने यह फैसला ऐसे वक्त किया, जब यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने गुरुवार को ही एस्ट्राजेनेका को सुरक्षित और प्रभावी बताया था।

उधर, आयरलैंड ने भी एस्ट्राजेनेका पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया है। नेशनन इम्यूनाइजेशन एडवाइजरी कमेटी ने शुक्रवार को बताया कि 18 साल या इससे ज्यादा उम्र के ज्यादा लोगों को इस वैक्सीन का डोज देना शुरू कर दिया गया है। साइड इफेक्ट के मामले सामने आने के बाद यहां एस्ट्राजेनेका को अस्थाई रूप से सस्पेंड कर दिया गया था।

बोरिस जॉनसन ने वैक्सीन लगवाई
UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शुक्रवार को कोरोना वैक्सीन की पहला शॉट लगवाया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया, ‘मैंने अपना पहला ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का डोज ले लिया है। वैज्ञानिकों, NHS कर्मचारियों और वॉलंटियर्स समेत उन सभी को धन्यवाद, जिन्होंने ऐसा करने में मदद की। जिस चीज को हम मिस कर रहे हैं, उसे अपने जीवन में वापस पाने के लिए वैक्सीन लेना ही सबसे अच्छी चीज है। चलिए टीका लगवाया जाए।’

WHO ने भी वैक्सीन को सही पाया
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की एक कमेटी के मुताबिक, इस बात के सबूत नहीं हैं कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन खून के थक्के जमने का कारण बनती है। हाल में जुटाए गए डेटा के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। कमेटी ने शुक्रवार को बताया कि लोगों में खून के थक्के बनना कोरोना के संक्रमण की वजह से भी हो सकता है। ऐसे काफी कम मामले सामने आए हैं। किसी को ब्लड क्लॉट की समस्या हुई है और उसे हाल में वैक्सीन लगी है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वैक्सीन की वजह से ऐसा हुआ है।

फिनलैंड ने 1 हफ्ते के लिए इस्तेमाल रोका
एस्ट्राजेनेका को क्लीनचिट के बाद भी फिनलैंड ने वैक्सीन के इस्तेमाल को 1 हफ्ते रोकने का फैसला लिया है। फिनिश इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड वेलफेयर के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि यूरोपियन यूनियन ने इस वैक्सीन को सेफ बताया है, लेकिन जांच पूरी होने तक हम इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे।

ब्लड क्लॉटिंग के सबूत नहीं मिले थे
यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने वैक्सीन से जुड़े खतरों की जांच कर गुरुवार को सिफारिश की थी कि यह वैक्सीन कोरोना वायरस को रोकने में प्रभावी और सुरक्षित है। ब्लड क्लॉटिंग का वैक्सीनेशन से कोई संबंध नहीं है।

दुनिया में 12.28 करोड़ मरीज
दुनिया में कुल मरीजों की संख्या 12.28 करोड़ से ज्यादा हो गई है। बीते 24 घंटे में 5.05 लाख नए संक्रमित मिले हैं। 9 हजार से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। अब तक 9 करोड़ 90 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित ठीक हो चुके हैं। 27 लाख 12 हजार से ज्यादा ने जान गंवाई है। दुनियाभर में फिलहाल 2 करोड़ 11 लाख से ज्यादा संक्रमितों का इलाज चल रहा है। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं।

टॉप-10 देश, जहां अब तक सबसे ज्यादा लोग संक्रमित हुए

देश

संक्रमित मौतें ठीक हुए
अमेरिका 30,425,787 554,104 22,610,325
ब्राजील 11,877,009 290,525 10,383,460
भारत 11,554,895 159,594 11,105,149
रूस 4,437,938 94,267 4,049,373
UK 4,285,684 126,026 3,621,493
फ्रांस 4,181,607 91,679 278,263
इटली 3,332,418 104,241 2,671,638
स्पेन 3,212,332 72,910 2,945,446
तुर्की 2,971,633 29,864 2,788,757
जर्मनी 2,645,186 75,073 2,401,700

(ये आंकड़े https://www.worldometers.info/coronavirus/ से लिए गए हैं।)

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