व्यपार

कोरोनाकाल में एयरलाइंस सख्त: सुरक्षा नियम न मानने वाले पैसेंजर पर केस दर्ज किया जा सकता है, परमानेंट बैन भी लग सकता है

wcnews.xyz
Spread the love

  • Hindi News
  • Business
  • Coronavirus Lifetime Ban On Travel News; COVID Rules Not Strictly Followed By Alliance Air, Air Asia And IndiGo Passengers

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुंबईएक दिन पहले

  • कॉपी लिंक
  • मास्क और PPE किट पहनने से इनकार करने पर अलायंस एयर, एयर एशिया और इंडिगो ने 8 यात्रियों को फ्लाइट से उतारा

कोरोना केस बढ़ने के बाद नियमों का पालन नहीं करने पर एयरलाइंस सख्ती बरतने लगी हैं। हाल ही में ऐसी अलग-अलग घटनाओं में 8 यात्रियों को फ्लाइट से उतार दिया गया। इनमें से कुछ मामलों में तो सिक्योरिटी फोर्स की भी मदद लेनी पड़ी। इन सभी यात्रियों ने मास्क और PPE किट पहनने से इनकार कर दिया था।

बुधवार को इंडिगो दिल्ली से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट में एक महिला यात्री ने मास्क पहनने से इनकार कर दिया था। एक अन्य फ्लाइट दिल्ली से गोवा जा रही थी। इसमें भी एक पैसेंजर ने मास्क पहनने से इनकार कर दिया। इसके बाद इंडिगो ने इन दोनों यात्रियों को फ्लाइट लैंड करने पर एयरपोर्ट पर सुरक्षा टीम के हवाले कर दिया। एयरलाइंस ने इस मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।

एक हफ्ते में ऐसे 8 मामले सामने आए
पिछले एक हफ्ते में 3 एयरलाइंस से जुड़े ऐसे 8 मामले सामने आए हैं। 15 मार्च को एयर एशिया इंडिया ने इसी तरह के मामले में 2 यात्रियों को फ्लाइट में यात्रा करने से रोक दिया था। यह फ्लाइट गोवा से मुंबई जा रही थी। नियम नहीं मानने वाले दोनों यात्रियों को बीच की सीट मिली थी, लेकिन इन्होंने PPE किट पहनने से इनकार किया था।

बार-बार कहने के बाद भी नहीं पहना मास्क
एयर एशिया ने कहा कि बार-बार अपील करने के बाद भी इन दोनों यात्रियों ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल को मानने से इनकार कर दिया। 16 मार्च को अलायंस एयर ने इसी तरह के मामले में जम्मू-दिल्ली फ्लाइट के 4 यात्रियों को सुरक्षा टीम के हवाले कर दिया। इन सभी ने केबिन क्रू और पायलट के बार-बार अपील करने के बाद भी मास्क पहनने से इनकार कर दिया था।

कंपनी ने कहा कि इन लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया, जिससे दूसरे यात्रियों को दिक्कत हुई। कंपनी के CEO हरप्रीत सिंह ने कहा कि सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम सुरक्षा के नियमों को लेकर जीरो टॉलरेंस यानी कोई भी कोताही न बरतने के नियम पर काम करते हैं।

सितंबर में 9 लोगों पर एयर ट्रैवल का बैन लगा
पिछले साल सितंबर में इंडिगो ने 9 यात्रियों पर 15 दिन का बैन लगाया था। ये सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कर्मचारी थे। इन सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और मास्क पहनने से इनकार कर दिया था। ये सभी 9 सितंबर को कंगना रनोट की चंडीगढ़ से मुंबई की यात्रा को कवर कर रहे थे।

सरप्राइज चेकिंग का आदेश
सिविल एविएशन महानिदेशालय (DGCA) के प्रमुख अरुण कुमार ने सभी एयरपोर्ट पर सरप्राइज चेकिंग का आदेश दिया है। इसमें यह देखा जाता है कि कोरोना के नियमों का कितना पालन कंपनियां और यात्री कर रहे हैं। एयरलाइंस, लोकल मैनेजमेंट और सिक्योरिटी एजेंसीज इस मामले में सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर मास्क और पीपीई किट पहनने पर ध्यान देती हैं।

नियम तोड़ने पर आजीवन बैन संभव
DGCA के नियमों के मुताबिक अगर कोई यात्री नियमों का कहीं भी उल्लंघन करता है तो उसे 2 साल के लिए भी फ्लाइट से यात्रा करने पर रोका जा सकता है। शनिवार को DGCA ने सभी एयरलाइंस को इस तरह का आदेश दिया था। DGCA ने कहा है कि अगर बार-बार अपील के बाद भी यात्री नियमों को नहीं मानता है तो उसे बेलगाम यात्रियों की कैटेगरी में डाला जा सकता है। यानी उस पर आगे भी उड़ान के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है। आदेश के मुताबिक जो यात्री बार-बार कहने पर भी नियम का पालन न करे, उसे 3 महीने से लेकर आजीवन ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में भी डाला जा सकता है।

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि फ्लाइट में जो लोग कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं करते हैं, मास्क या PPE गाउन नहीं पहनते हैं, उन्हें फ्लाइट से उतार दिया जाए। कोर्ट ने सभी एयरलाइन कंपनियों और DGCA को इस तरह की गाइडलाइंस जारी की थीं। इसी आदेश पर DGCA ने सिक्योरिटी एजेंसियों को कहा है कि वे इस तरह के यात्रियों को एयरपोर्ट में एंट्री न दें। एयरलाइंस से कहा गया है कि वे इस तरह के यात्रियों को फ्लाइट से उतार दें। यदि कोई फ्लाइट में ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई करें।

DGCA ने क्या कहा?
DGCA ने 13 मार्च को जारी गाइडलाइंस में कहा था कि यह देखा गया है कि बार-बार चेतावनी के बाद भी यात्री कोरोना के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। इसमें मास्क, गाउन, फेसशील्ड और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियम प्रमुख हैं। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाए। आदेश में यह भी कहा गया है कि एयरपोर्ट में एंट्री से लेकर बाहर निकलने तक मास्क नाक से नीचे नहीं होना चाहिए।

DGCA ने सर्कुलर में क्या कहा?

  • एयरपोर्ट ऑपरेटर्स तय करें कि यात्री एयरपोर्ट पर मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
  • कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत मास्क नाक से नीचे नहीं होना चाहिए। इसका पालन एयरपोर्ट में पहुंचने और एयरपोर्ट से निकलने तक होना चाहिए।
  • एयरक्राफ्ट में कोई यात्री अगर बार-बार कहने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करता है तो टेक-ऑफ के पहले उतारा जा सकता है।
  • एयरक्राफ्ट में जाने के बाद कोई यात्री मास्क नहीं पहनता है तो उसे ‘बेलगाम’ यात्री माना जाएगा।
  • ऐसे बेलगाम यात्रियों को 3 महीने से लेकर आजीवन तक के लिए ‘नो-फ्लाई’ लिस्ट में डाला जा सकता है।
  • नियमों का पालन करवाने के लिए CISF या पुलिस एयरपोर्ट के एंट्रेंस पर रहे, ताकि इस तरह के लोगों को अंदर जाने की अनुमति न मिले।
  • एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी और अन्य सुपरवाइजर्स नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।
  • नियम न मानने वाले यात्रियों को चेतावनी देकर सुरक्षा एजेंसियों के हवाले किया जाए। कानून के हिसाब से कार्रवाई हो।

जब जज ने खुद ही गवाह बनकर गाइडलाइंस जारी की
5 मार्च को कोलकाता से दिल्ली के बीच एयर इंडिया की फ्लाइट में जब एक यात्री ने मास्क नहीं पहना, तो उसी फ्लाइट में यात्रा कर रहे जस्टिस सी. हरिशंकर ने गाइडलाइंस जारी की थी। कोर्ट ने कहा कि ये खतरनाक स्थिति है। ऐसे में वह खुद इसे ध्यान में रखते हुए ऑर्डर पास कर रही है जिसके गवाह खुद जज हैं। कोर्ट ने ये साफ किया कि मास्क सही तरीके से पहनना चाहिए। इसमें मुंह, नाक कवर होना चाहिए।

खबरें और भी हैं…

Source link

WC News
the authorWC News

Leave a Reply