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आग से बचाने की तैयारी पर एक नजर: बिहार में अब फायर ब्रिगेड की 702 गाड़ियां ऑन रोड, शॉर्टटर्म ट्रेनिंग देकर लगाए गए 550 होमगार्ड जवान

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पटना32 मिनट पहलेलेखक: अमित जायसवाल

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कोरोना वायरस की मार झेल रहे बिहार में गर्मी भी बढ़ती जा रही है। इससे लू का प्रकोप बढ़ने वाला है। ऐसे में बिहार को दूसरी मार आग की झेलनी पड़ेगी। इस साल के जनवरी महीने से लेकर मार्च महीने तक राजधानी समेत पूरे बिहार में अगलगी की छोटी-बड़ी कुल 2669 घटनाएं हुईं हैं। इनमें अलग-अलग जगहों पर कई जानें जा चुकी है जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं। भास्कर ने बीते 2 अप्रैल को इस मुद्दे पर यह विशेष रिपोर्ट पब्लिश की थी। तब फायर सर्विसेज की DG शोभा अहोटकर ने कहा था कि अगलगी की घटनाओं से बचाव के लिए उनका विभाग हरसंभव काम कर रहा है। अब उनके निर्देश पर एक स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया गया है। इसके आधार पर प्रिवेंशन को लेकर काफी तैयारियां की गई हैं। अगलगी की किसी भी घटना से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की कुल 702 गाड़ियों को पूरे राज्य के अंदर ऑन रोड रखा गया है। सभी जिलों की दो गाड़ियों पर ‘प्रोक्सिमिटी शूट’ को प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि सूचना मिलते ही क्वीक रिस्पांस दिया जा सके।

शोभा अहोटकर ने भास्कर को फायर सर्विसेज विभाग द्वारा किए जा रहे उपायों की पूरी जानकारी दी।

शोभा अहोटकर ने भास्कर को फायर सर्विसेज विभाग द्वारा किए जा रहे उपायों की पूरी जानकारी दी।

बिहटा में दी गई ट्रेनिंग, खरीदी गई टाइप-B की 19 गाड़ियां

DG शोभा अहोटकर के अनुसार सबसे पहले रिटायर हुए अनुभव वाले 4 फायर अफसर को बिहटा स्थित ट्रेनिंग कॉलेज से जोड़ा गया। इसके बाद होमगार्ड के एक्स्ट्रा 550 जवानों को शॉर्टटर्म फायर प्रिवेंशन ट्रेनिंग दी गई। आग लगने पर कैसे काबू पाना है? उसमें घीरे लोगों के जीवन को कैसे बचाना है? इस बारे में ट्रेंड किया गया। पिछले तीन महीने में लगातार जिला स्तर पर फायर से जुड़े सभी कर्मियों का मॉक ड्रील और शॉर्ट टर्म रिफ्रेशर ट्रेनिंग कराया गया है। सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए टाइप-B की 19 फायर गाड़ियों, 500 जोड़े फायरमैन बूट, 40 फ्लोटिंग पम्प, 30 स्मॉक एग्जॉस्टर, 5 एयर कम्प्रेशर को खरीदा जा रहा है। इसके लिए GEM पोर्टल पर आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा कंट्रोल रूम को भी पहले की अपेक्षा और दुरूस्त कर दिया गया है। 10 कर्मचारियों को अलग से लगाया गया है। 8 टेलीफोन लाइन और मोबाइल की सुविधा बढ़ाई गई है। अब बगैर किसी रूकावट के डायल 101 नंबर काम करता रहेगा। आग लगने की सूचना आने पर कंट्रोल रूम तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम के साथ ही संबंधित SDM, SDPO, थानेदार और ट्रैफिक कंट्रोल रूम को जानकारी देगी।

पटना में 18 हॉट स्पॉट की पहचान हुई, इनके लिए खास इंतजाम

राजधानी समेत पूरे पटना जिले में आग की घटनाओं से निपटने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सबसे पहले तो पाटलिपुत्रा इंडस्ट्रियल एरिया, राजीव नगर, फतुहा, दीदारगंज, दिनकर गोलंबर और मीठापुर बस स्टैंड समेत 18 हॉट स्पॉट की पहचान की गई है। इन जगहों पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को प्री प्रोजिशन में रखा गया है। वैसे पूरे जिले में 223 कर्मियों के साथ फायर ब्रिगेड की कुल 82 गाड़ियों को रेडी मोड में रखा गया है। सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स का बिजली विभाग के साथ मिलकर फायर ऑडिट किया गया है। 30 बड़े सरकारी बिल्डिंगों के साथ 241 बिल्डिंगों का भी फायर ऑडिट हुआ है। जिले में 182 स्थानों पर मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम किया गया है। पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ 16 बार मीटिंग की गई और एक डायरेक्ट्री भी तैयार की गई है।

पूरे राज्य में इन बातों का रखा गया विशेष ध्यान

ऐसा पहली बार हुआ है कि पूरे बिहार के अंदर आग लगने की घटनाओं से बचने के तरीकों के बारे में बताने के लिए बिहार होम गार्ड और फायर सर्विसेज की तरफ से ग्रामीण इलाकों में नुक्कड़-नाटक का आयोजन किया गया हो। कुल 265 इलाकों में ऐसा हुआ। थ्रेसर मालिकों के साथ-साथ SC/ST वाले 2201 जगहों पर जागरूकता कार्यक्रम किए गए। पूरे बिहार में जनवरी से लेकर अब तक 2571 भवनों का फायर ऑडिट किया गया। BDO और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से 575 जागरूकता सह सूचना सम्मेलन कर मोबाइल नंबरों का एक डेटा तैयार किया गया। इसके अलावा वाटर सोर्स मैपिंग, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के लिए पानी के नए स्रोतों की पहचान, फायर फाइटिंग के लिए जरूरी सामानों के खरीदे जाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

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