झारखंड

अनदेखी: रेलवे में सफाईकर्मी व आरपीएफ जवानों को टीका, टीटीई-गार्ड अब भी असुरक्षित

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जमशेदपुरएक घंटा पहले

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वैक्सीन देने की मांग पर रेलवे मेंस कांग्रेस के सदस्य मंत्री को ज्ञापन सौंपते। - Dainik Bhaskar

वैक्सीन देने की मांग पर रेलवे मेंस कांग्रेस के सदस्य मंत्री को ज्ञापन सौंपते।

  • रेलवे मेंस कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री से फ्रंटलाइन वर्कर्स काे वैक्सीन देने की मांग की
  • स्वास्थ्य मंत्री ने अन्य कर्मियों को भी कोरोना टीकाकरण करने का आश्वासन दिया

चक्रधरपुर रेल मंडल में अब तक सिर्फ सफाईकर्मियाें व आरपीएफ जवानों को ही कोरोना का टीका लगा है। टीटीई, गार्ड, लोको पायलट, पार्सल क्लर्क व ग्राउंट ड्यूटी करने वाले कर्मचारी संक्रमण के खतरे के बीच ड्यूटी कर रहे हैं। दक्षिण-पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के कार्यवाहक महामंत्री शशि रंजन मिश्रा ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स काे टीका लगवाने की मांग की है।

उन्हाेंने इस मुद्दे पर रविवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से उनके कदमा स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात भी की। मंत्री से कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। रेलवे के रनिंग स्टॉफ जैसे गार्ड, लोको पायलट, एसी स्कॉटिंग, कॉमर्शियल स्टॉफ, टिकट चेकिंग क्लर्क, रिजर्वेशन सहित टिकट बुकिंग, पार्सल ऑफिस के कर्मियों को संक्रमण का खतरा है। मंत्री ने टीका दिलवाने का आश्वासन दिया है।

वैश्य एकता मंच मंत्री से मिला, रामनगर में वैक्सीनेशन सेंटर खोलने की मांग की

वैश्य एकता मंच के जिला अध्यक्ष गोपाल प्रसाद जायसवाल के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्री से मिल ज्ञापन सौंपा। मंत्री से कदमा के रामनगर समेत अन्य जगहों पर वैक्सीनेशन सेंटर खाेलने की मांग की। मंत्री ने इस दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया। मौके पर बैजनाथ प्रसाद, हलधर नारायण साह, परमानंद प्रसाद, श्रीकांत देव, गोपाल प्रसाद जायसवाल, राजेश्वर साहू, भोला शर्मा, रंजीत प्रसाद, डॉ. संतोष गुप्ता थे।

स्वास्थ्य मंत्री से मिले पारा मेडिकल एसो. के सदस्य

पारा मेडिकल स्टाफ एसोसिएशन झारखंड का प्रतिनिधिमंडल रविवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को उनके निवास कदमा में जाकर मिला। आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा – झारखंड में एक ही पद पर कर्मचारियों को अलग-अलग राशि दी जा रही है, जबकि टेंडर में राशि अधिक देने का दावा किया जाता है। कर्मचारियों ने कहा – श्रम आयोग के अनुसार उन लोगों को वेतन नहीं मिल रहा।

एजेंसी द्वारा वेतन में गड़बड़ी की जा रही है। पलामू में कुशल कर्मी को पांच हजार रुपए, गिरिडीह में 8500 रुपए, दुमका में 9176 रुपए व जमशेदपुर में अलग राशि दी जा रही है। जबकि सभी जगह एक समान पद हैं। कर्मचारियों की बहाली करने की भी मांग की। ताकि उनको रोजगार मिले। झारखंड में भारी मात्रा में रिक्त पद पड़े हैं। हाल में पूर्वी सिंहभूम जिले से लगभग आउटसोर्स पर तैनात लगभग 200 कर्मचारियों को हटाया है। इससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति है।

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